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शीलकी डूंगरी में भरा शीतला माता का मेले, 3 लाख ने किए दर्शन, 16 को भरेगा गुदरी का मेला

चाकसू स्थित शीतलामाता मेले में इस बार बड़ी संख्या में श्रद्धालु उमड़े। इससे पहले कस्बे सहित ग्रामीण क्षेत्रों में शीतलाष्टमी का पर्व परम्परागत तरीके से मनाया गया। महिलाओं ने शीतलामाता की पूजा अर्चना कर पुएं, पापड़ी, हलुआ, मूंगथाल, राबड़ी सहित अन्य ठंडे पकवानों का माता के भोग लगाया। शीलकीडूंगरी स्थित शीतलामाता मन्दिर में बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं ने ढोक लगाकर मन्नते मांगी। श्रद्धालुओं ने माता के ठंडे पकवानों का भोग लगाकर पूजा अर्चना की।

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शीलकी डूंगरी में भरा शीतला माता का मेले, 3 लाख ने किए दर्शन, 16 को भरेगा गुदरी का मेला

शीलकी डूंगरी में भरा शीतला माता का मेले, 3 लाख ने किए दर्शन, 16 को भरेगा गुदरी का मेला

जयपुर। चाकसू स्थित शीतलामाता मेले (Sheetlamata mela) में इस बार बड़ी संख्या में श्रद्धालु उमड़े। इससे पहले कस्बे सहित ग्रामीण क्षेत्रों में शीतलाष्टमी का पर्व परम्परागत तरीके से मनाया गया। महिलाओं ने शीतलामाता की पूजा अर्चना कर पुएं, पापड़ी, हलुआ, मूंगथाल, राबड़ी सहित अन्य ठंडे पकवानों का माता के भोग लगाया। शीलकीडूंगरी स्थित शीतलामाता मन्दिर में बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं ने ढोक लगाकर मन्नते मांगी। श्रद्धालुओं ने माता के ठंडे पकवानों का भोग लगाकर पूजा अर्चना की। मंगलवार देर शाम से ही श्रद्धालुओं का आना शुरू हो गया था। जो बुधवार देर शाम तक जारी रहा। मेलें में पुरूष व महिलाएं परम्परागत वेश भूषा में पहुंचे। महिलाएं रंग-बिरंगे परिधानों में मंगल गीत गाते हुए माता के दरबार में पहुंची। तो पुरूष समूहों में लोक गीत गाते नजर आए। मेले में राजस्थानी संस्कृति की भरपूर झलक दिखाई दी।

मेले में आसपास सहित दूरदराज से बड़ी संख्या में दर्शनार्थी आए। इस मौके पर मन्दिर प्रबंध समिति की ओर से मंदिर परिसर को रंग रोगन कर रोशनी से सजाया गया। मेले में विभिन्न गतिविधियों पर नजर रखने के लिए पालिका प्रशासन की ओर से जगह जगह करीब 60 सीसीटीवी कैमरे लगाए गए। मेले में सैकड़ों की संख्या में प्रसाद, सौंदर्य प्रसाधन, घरेलु सामान, खिलौने, खाद्य पदार्थ व अन्य दुकानें लगी। जिनसे श्रद्धालुओं ने जमकर खरीददारी की। विभिन्न समाजों एवं संस्थाओं की ओर से कई स्थानों पर पेयजल के लिए दर्जनों की संख्या में प्याऊ लगाई गई। वहीं विभिन्न समाजों की धर्मशालाओं में हुई बैठकों में समाज सुधार के निर्णय लिए गए। मेले में कई स्थानों पर लोक कलाकार अलगोजों की मधुर ध्वनि पर लोकगीत प्रस्तुत करते नजर आए। रात भर कई धर्मशालाओं में जागरण व सांस्कृतिक कार्यक्रमों का आयोजन हुआ। जिनमें लोग देर रात तक जमे रहे।

पांच किलोमीटर पैदल चलकर पहुंचे श्रद्धालु

मेले में जाम से निजात पाने के लिए पुलिस प्रशासन ने वाहनों को जयपुर की ओर पांच किलोमीटर व चाकसू की ओर तीन किलोमीटर दूर ही रोक दिया। जिससे मेले में आने वाले श्रद्धालु तीन से पांच किलोमीटर पैदल चलकर माता के दरबार में पहुंचे। जिससे उन्हें परेशानी का सामना करना पड़ा। मेले से दूर वाहन रोकने पर खासकर महिलाओं व बुजुर्गो को अधिक परेशानी का सामना करना पड़ा। हालांकि इस दौरान ई-रिक्शे व कारे श्रद्धालुओं को मेला स्थल तक ले जा रही थी। लेकिन पर्याप्त साधनों के अभाव में अधिकांश लोगों को पैदल ही सफर तय करना पडा।

सेल्फी पड जाती भारी

मेले में कुछ युवा सेल्फी लेने पहाडी की चोटी पर चढ गए। इस दौरान उनका संतुलन बिगड गया और वे बाल बाल गिरते बचे। वहां तैनात पुलिसकर्मियों ने सख्ती दिखाई। तब जाकर लोग माने।

झूले नहीं लगने से हुए निराश

मेले में इस बार चकरी, झूले, सर्कस, मौत का कुआं, जादुगर के खेल आदि नहीं लगने से मेले में आए बच्चों, महिलाओं व लोगों को निराशा मिली। जानकारी के अनुसार प्रशासन ने सुरक्षा कारणों का हवाला देते हुए इस बार इनको इजाजत नहीं दी। जिसे लेकर सोशल मिडिया पर लोगों ने विधायक समेत प्रशासन को आडे हाथो लिया।

16 को भरेगा गुदरी

मेले के दूसरे दिन गुरुवार को कस्बे में गुदरी का मेला भरेगा। इस दौरान विभिन्न तरह की दुकाने सजेगी। जिनमें महिलाएं खरीददारी करेगी। यहां तहसील चौराहा, सब्जी मंडी व बाजारों में भीड रहेगी। मनोरंजन के लिए गोलीराव तालाब पर झूले लगाए गए है।

मेले में शान्ति एवं कानून व्यवस्था बनाए रखने के लिए पुलिस एवं प्रशासन ने पुख्ता इंतजाम किए। जिससे मेला शान्ति पूर्वक सम्पन्न हो गया। प्रशासन की ओर से नियंत्रण कक्ष, पेयजल, रोशनी, चिकित्सा, पार्किंग एवं अन्य व्यवस्थाएं की गई।

दर्शनार्थियों को मंदिर में जाने के लिए महिला एवं पुरुषों के लिए अलग-अलग लाइनों की व्यवस्था की गई। अधिक भीड़ के कारण मुख्य मन्दिर के निकट दर्शनों के दौरान धक्का मुक्की का आलम रहा। मेले में यातायात व्यवस्था भी जाम के चलते बाधित रही। वाहन रेंग-रेंग कर आगे बढ़ते रहे। आवागमन के साधनों की कमी से लोग घंटो तक साधनों का इंतजार करते नजर आए। अनेक लोगों ने तो पैदल सफर किया।

कस्बे के फागी मोड़ पर शीतलामाता मंडल की ओर से श्रद्धालुओं को नि:शुल्क छाछ-राबड़ी व जल पान की व्यवस्था की गई। इस दौरान अनेक स्थानों हुए सांस्कृतिक कार्यक्रमों ने लोगों का मन मोहा। मेले में डीसीपी साउथ योगेश गोयल, एडीशनल डीसीपी भरतलाल मीना,एसीपी संध्या यादव, उपखंड अधिकारी अशोक कुमार, थानाधिकारी भूरी Singh, तहसीलदार पुष्पेन्द्र पांचाल समेत अनेक अधिकारी मेले की व्यवस्थाओं का जायजा लेते रहे। गत दिनों लम्पी वायरस के संक्रमण में माता के चरणामृत से हुए फायदे के बाद इस बार मेले में भीड अधिक रही।