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पिडलियों और एडिय़ों के दर्द में राहत देता शीर्षासन

लिवर संबंधी समस्या है तो दिन में शीर्षासन करें।

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पिडलियों और एडिय़ों के दर्द में राहत देता शीर्षासन

पिडलियों और एडिय़ों के दर्द में राहत देता शीर्षासन


शीर्षासन या सिर के बल किया जाने वाला योग आसन थोड़ा कठिन है। इसलिए शुरुआत में प्रशिक्षक की उपस्थिति एवं दीवार का सहारा लेकर ही करें ताकि चोट न लगे। यह आसन तनाव कम करने के साथ कई बीमारियों से बचाव करता है। जानते हैं इस आसन को करने का सही तरीका और लाभ के बारे में-

चोटी पर केंद्रित हो वजन
इसमें कोहनियों और हथेलियों के सहारे उल्टा खड़ा होते हैं। अपनी हथेलियां सिर के बीच में रखें और शरीर का भार सिर की चोटी पर ही केंद्रित रखें। शीर्षासन का धीरे-धीरे अभ्यास बढ़ाएं। एक साथ करने का प्रयास न करें। स्वस्थ और युवा व्यक्ति दो-तीन बार तक इस आसन को दोहरा सकते हैं। एक आसन करने में 5-7 मिनट का समय ले सकते हैं। यदि किसी तरह की स्वास्थ्य समस्या है तो 2-3 मिनट तक ही आसन करें। हृदय, रीढ़ की समस्या या उच्च रक्तचाव एवं कानों संबंधी समस्या है तो इसे न करें।

संतुलन का ध्यान रखें
इसमें शरीर के संतुलन का ध्यान रखना बहुत जरूरी है नहीं तो स्पाइन की समस्या हो सकती है। सुबह इस आसन का अभ्यास करें। लेकिन लिवर संबंधी समस्या है तो दिन में शीर्षासन करें। शीर्षासन के बाद शवासन भी करें।

मिलेंगे मानसिक लाभ
अल्जाइमर और अन्य मानसिक समस्याओं में शीर्षासन लाभकारी है। इसके अलावा आंखों, पायरिया, स्नायुरोग, अपच आदि समस्याओं में लाभ मिलेगा। पिडलियों और एडिय़ों में दर्द की समस्या में भी लाभकारी है। यह शरीर में ब्लड सर्कुलेशन को सही कर राहत देता है।

ओम प्रकाश शर्मा, योग विशेषज्ञ, नई दिल्ली