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अधिकमास में मंदिर-मंदिर भागवत कथा, श्रवण के लिए उमड़ रहे भक्त

Shravan Adhik Maas: श्रावण अधिकमास में शहर में जगह—जगह भागवत कथा के आयोजन हो रहे है। कहीं श्रीमद् भागवत कथा के मूल पाठ हो रहे है तो कहीं कथा प्रवचन, जहां कथा श्रवण के लिए लोग उमड़ रहे है।

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अधिकमास में मंदिर-मंदिर भागवत कथा, श्रवण के लिए उमड़ रहे भक्त

अधिकमास में मंदिर-मंदिर भागवत कथा, श्रवण के लिए उमड़ रहे भक्त

जयपुर। श्रावण अधिकमास में शहर में जगह—जगह भागवत कथा के आयोजन हो रहे है। कहीं श्रीमद् भागवत कथा के मूल पाठ हो रहे है तो कहीं कथा प्रवचन, जहां कथा श्रवण के लिए लोग उमड़ रहे है। अधिकमास के अंतिम नौ दिन छोटी चौपड़ स्थित मंदिर श्री चतुर्भुजजी और श्रीरूप चतुर्भुजजी में 8 से 16 अगस्त तक श्रीमद्भागवत कथा का आयोजन किया जाएगा। इसके साथ 121 विद्वान श्रीमद्भागवत मूल पाठ भी करेंगे।

संगीतमय श्रीमद् पावन प्रज्ञा पुराण कथा
वाटिका स्थित गायत्री शक्तिपीठ में संगीतमय श्रीमद् पावन प्रज्ञा पुराण कथा शुरू हुई। सबसे पहले वेद व्यास, वेदमाता गायत्री और गुरू सत्ता का पंचोपचार पूजन किया गया।
प्रज्ञा पुराण कथा के पहले दिन व्यास पीठ से पं. सुरेश शर्मा ने लोकमंगल जिज्ञासा प्रकरण के तहत मानव में देवत्व का उदय एवं धरती पर स्वर्ग अवतरण के लिए भगवान विष्णु एवं नारद संवाद का सुंदर चित्रण किया। उन्होंने कहा कि लोक अनेक लोकों का भ्रमण करते हुए नारदजी मृत्युलोक में पहुंचे। उन्होंने वहां के मनुष्यों को अनेक प्रकार के दुखों में फंसे हुए देखकर उनके दुख का कारण और निवारण जानने के लिए भगवान विष्णु के पास पहुंचे।

बाईजी मंदिर में आज शुक्रदेव जन्म व कपिल श्रुति संवाद
बड़ी चौपड़ स्थित मंदिरश्री लक्ष्मीनारायण बार्ईजी में व्यापार मंडल मंदिर श्री लक्ष्मीनारायण, बाईजी की ओर से भागवत कथा शुरू हुई। पहले दिन कलशयात्रा के साथ भागवत महात्म्य पर कथा प्रवचन हुए, वहीं आज शुक्रदेव जन्म व कपिल श्रुति संवाद पर कथा प्रचवन होंगे। व्यास पीठ से वृंदावन नंदगांव के श्याम सुंदर गोस्वामी ने कहा कि भागवत कथा सुखों की जननी है, जिसके श्रवण मात्र से जीवन में वास्तविक सुख का अनुभव होता है। भागवत कथा की प्रत्येक पंक्तियां श्रवण करने से जीवन में वास्तविक सुख का अनुभव होता है।

भागवत सभी ग्रंथों का सार
लक्ष्मी नारायणपुरी स्थित मंदिर ठाकुर श्री लक्ष्मी नारायण जी में स्वामी त्रिविक्रमाचार्य के सानिध्य में श्रीमद् भागवत कथा ज्ञान यज्ञ का शुभारंभ हुआ। व्यासपीठ से जनार्दनाचार्य ने पहले दिन भागवत कथा के महत्व का श्रवण कराते हुए कहा कि भागवत सभी ग्रंथों का सार है। समस्त ग्रंथों में जो भी ज्ञान है वह भागवतजी में समाहित है। कथा में आज कपिल उपाख्यान प्रसंग पर कथा प्रवचन होंगे।

नर्बदेश्वर महादेव मंदिर में कथा आज से
हरि नाम संकीर्तन परिवार के तत्वावधान में 483वीं श्रीमद् भागवत कथा 4 से 10 अगस्त तक नकुल पथ, ज्योति नगर थाने के सामने, लालकोठी योजना स्थित नर्बदेश्वर महादेव मंदिर में होगी। व्यासपीठ से अंकिचन महाराज सुबह 11:30 से शाम 5 बजे तक कथा श्रवण कराएंगे।


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