
- मंत्री झाबर सिंह खर्रा की जनसुनवाई में आया था मामला सामने
जयपुर। प्रदेश में जमीन विवाद के कई मामले सालों से लंबित हैं। प्रशासन द्वारा धीरे-धीरे ऐसे मामले सुलझाए भी जा रहे हैं। ऐसा ही एक मामला सीकर जिले के श्रीमाधोपुर में सामने आया है। इसमें आपसी समझाइश से 15 सालों से बंद आम रास्ते को लोगों के लिए खुलवाया गया।
जानकारी के अनुसार, तहसीलदार श्रीमाधोपुर जगदीश प्रसाद बैरवा के नेतृत्व में राजस्व टीम द्वारा आपसी समझाइश से श्रीमाधोपुर तहसील के दिवराला पटवार मंडल के खातेदारों के मध्य 15 साल पुराने रास्ते व कब्जे संबंधित जमीनी विवाद को निपटा दिया गया।
तहसीलदार ने बताया कि पटवार मंडल दिवराला में ग्यारसा यादव व रामपाल यादव के बीच 60 बीघा पैतृक भूमि के विभाजन, कब्जे व रास्ते को लेकर पिछले 15 सालों से राजस्व न्यायालय, सिविल न्यायालय व पुलिस थाने में फौजदारी प्रकरण चल रहे थे। स्वायत्त शासन व नगरीय विकास मंत्री झाबर सिंह खर्रा की जनसुनवाई में एक पक्ष द्वारा विवादित भूमि के सीमा ज्ञान व कब्जे दिलाने को लेकर परिवाद प्रस्तुत किया था, जिस पर उपखंड अधिकारी श्रीमाधोपुर से मिले निर्देशों की पालना में तहसीलदार श्रीमाधोपुर जगदीश प्रसाद बैरवा, भू अभिलेख निरीक्षक धर्मेंद्र शर्मा, पटवारी हल्का दिवराला महेश शर्मा, पटवारी हल्का सिहोडी राजदीप यादव व पटवारी हल्का जुगराजपुरा बलबीर सिंह की संयुक्त राजस्व टीम द्वारा मौके पर जाकर खातेदारों की समझाइश कर विवादित भूमि व रास्ते का सीमाज्ञान व पत्थरगढ़ी कर खातेदारों को अपने अपने हिस्से अनुसार पैतृक भूमि का कब्जा दिलाकर 15 साल से बंजडपड़ी भूमि की ट्रैक्टर से फसल जुताई करवाई गई। 15 साल पुराने विवाद का शांतिपूर्वक समाधान होने पर ग्रामीणों द्वारा तहसील प्रशासन का आभार व्यक्त किया गया।
Updated on:
21 Dec 2024 08:52 am
Published on:
21 Dec 2024 08:52 am
