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जयपुर डिस्कॉम वर्तमान में बिजली उपभोक्ताओं के घरों में स्मार्ट मीटर लगाने का कार्य तेजी से कर रहा है। बिजली इंजीनियर भी स्मार्ट मीटर की खूबियों का प्रचार-प्रसार कर रहे हैं लेकिन जिन उपभोक्ताओं के घरों में पहले से स्मार्ट मीटर लगे हैं, वे बिजली बिल की राशि का मोबाइल पर मैसेज न आने से खासे परेशान हैं।
स्मार्ट मीटर से जुड़ी इस समस्या को लेकर उपभोक्ता बिजली कार्यालयों का रुख कर रहे हैं। बिजली इंजीनियर मोबाइल नंबर रजिस्टर कराने के लिए कह रहे हैं। कई उपभोक्ताओं ने नंबर रजिस्टर भी कराया, लेकिन बावजूद इसके बिल की सूचना मोबाइल पर नहीं पहुंच रही है। बिजली कार्यालयों में रोजाना चार-पांच उपभोक्ता इसी समस्या के साथ शिकायत दर्ज करवा रहे हैं।
जयपुर शहर के कई सब डिवीजन में सर्वे के बाद स्मार्ट मीटर लगाने का काम शुरू हो चुका है। कुछ इलाकों में उपभोक्ता स्मार्ट मीटर लगवाने के बाद बिजली बिल 10 से 15 फीसदी अधिक आने की शिकायत कर इसे लगाने से कतराते भी देखे गए। हाल ही सोडाला क्षेत्र में भी मीटर लगाने का विरोध हुआ, लेकिन बाद में उपभोक्ता राजी हो गए।
लगभग चार साल पहले भांकरोटा, सांगानेर, प्रताप नगर और खो नागोरियान क्षेत्र में बिजली चोरी की आशंका के चलते करीब 1 लाख 80 हजार उपभोक्ताओं के यहां स्मार्ट मीटर लगाए गए थे। उस समय भी बिजली इंजीनियरों ने इनके फायदे गिनाए थे। अब बताया जा रहा है कि सर्वर में तकनीकी खराबी के कारण मोबाइल पर बिल की राशि के मैसेज उपभोक्ताओं तक नहीं पहुंच पा रहे हैं।
बिजली का स्मार्ट मीटर लगा हुआ है, लेकिन मोबाइल पर बिल की राशि का कोई मैसेज नहीं आता। बिजली कार्यालय जाकर मोबाइल नंबर भी रजिस्टर कराया, लेकिन समस्या जस की तस बनी हुई है।
-हरीश कुमार मीणा, जगन्नाथ एक्कलेव, खोह नागोरियान
Published on:
08 Jun 2025 08:14 am

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