17 जनवरी 2026,

शनिवार

Patrika LogoSwitch to English
icon

मेरी खबर

video_icon

शॉर्ट्स

epaper_icon

ई-पेपर

सिंचाई तो कहीं निराई-गुड़ाई

कांठल में गत दिनों बारिश की लम्बी खेंच और सिंचाई की परेशानी से जूझ रहे किसानों ने रबी फसलों की बुवाई शुरू कर दी है। कहीं सिंचाई तो कहीं अंकुरण के बाद फसलों में निराई-गुड़ाई का कार्य किया जा रहा है। 

less than 1 minute read
Google source verification

image

afjal khan

Oct 27, 2015

कांठल में गत दिनों बारिश की लम्बी खेंच और सिंचाई की परेशानी से जूझ रहे किसानों ने रबी फसलों की बुवाई शुरू कर दी है। कहीं सिंचाई तो कहीं अंकुरण के बाद फसलों में निराई-गुड़ाई का कार्य किया जा रहा है।

हालांकि अभी गेहूं की बुवाई का सही समय नहीं आया है। विभागीय अधिकारी और वैज्ञानिकों की मानें तो वर्तमान में गेहूं बोवनी के लिए उपयुक्त समय नहीं है।

दूसरी ओर पानी की कमी को देखते हुए किसानों ने रबी मौसम की बुवाई शुरू कर दी है। करीब 20 प्रतिशत गेहूं और करीब 50 प्रतिशत चने की बुवाई हो चुकी है।

उचित तापमान पर बुवाई
रबी फसलों के लिए 25 से 30 डिग्री तापमान होना चाहिए, जिससे पौधों की वृद्धि अच्छी हो सके। वर्तमान में तापमान इससे अधिक है, जो बुवाई के लिए अनुकूल नहीं है। बीज अंकुरित तो हो जाएगा लेकिन पौधों की वृद्धि और उत्पादन पर असर पड़ेगा।

दोबारा हो रही बुवाई
थड़ा. क्षेत्र में मौसम के बिगड़ती स्थिति के कारण किसानों को खेतों में रबी की बुवाई दोबारा करनी पड़ रही है।

गांव के गोपाल गायरी, देवीलाल, राधेश्याम पाटीदार ने बताया कि इस समय क्षेत्र में सरसों, मसूर, चना, ईसबगोल की बुवाई की जा रही है। कई किसानों ने सिंचाई भी की। इसके बाद भी खेतों में फसल अंकुरित नहीं हो पाई। किसानों को दोबारा बुवाई करनी पड़ रही है। इससे किसानों को काफी नुकसान हो रहा है।

गेहूं के लिए अभी इंतजार करें किसान
वर्तमान में गेहूं की बुवाई के लिए अभी इंतजार करें। पानी की कमी होने पर मसूर, चना और कम पानी वाली किस्मों की बुवाई कर सकते है। इनके पास सिंचाई की पर्याप्त व्यवस्था है, वह कुछ दिन और इंतजार करें। तापमान गिरावट आने पर बुवाई कर सकते हंै।
नानूराम मीणा
उप निदेशक, कृषि विस्तार प्रतापगढ़