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जिले में विद्युत बिलों को ऑनलाइन जमा कराने की सुविधा उपलब्ध होने के बावजूद आम उपभोक्ताओं तक यह तकनीक नहीं पहुंच रही है। इससे उपभोक्ताओं को कतार में खड़े होकर बिल जमा कराना पड़ रहा है, वहीं निगम कर्मचारियों को भी बकायादारों को तलाशने में मशक्कत करनी पड़ रही है। 

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Moti ram

Mar 03, 2015

जिले में विद्युत बिलों को ऑनलाइन जमा कराने की सुविधा उपलब्ध होने के बावजूद आम उपभोक्ताओं तक यह तकनीक नहीं पहुंच रही है। इससे उपभोक्ताओं को कतार में खड़े होकर बिल जमा कराना पड़ रहा है, वहीं निगम कर्मचारियों को भी बकायादारों को तलाशने में मशक्कत करनी पड़ रही है।

जिले में कुछ सरकारी कनेक्शन वाले उपभोक्ता ही वर्तमान में इस व्यवस्था का उपयोग कर रहे हंै। जयपुर डिस्कॉम की ओर से करीब एक वर्ष पहले यह व्यवस्था शुरू की थी, लेकिन प्रचार नहीं होने से बड़े एवं सरकारी उपभोक्ताओं तक ही सिमट कर रह गई है।

शहर में सबसे अधिक
वर्तमान में जलदाय विभाग की विभिन्न पेयजल योजनाओं, मोबाइल टावर व सिंचाई परियोजनाओं के विद्युत बिल जमा करने में इसका उपयोग हो रहा है। शाहाबाद क्षेत्र में औसतन प्रतिमाह करीब 35, अन्ता में 18, मांगरोल में टावर व अन्य सरकारी उपभोक्ताओं के करीब 25 बिल, सीसवाली में तीन, छबड़ा, छीपाबड़ौद व हरनावदाशाहजी में ऑनलाइन बिल जमा होने की संख्या बहुत कम है। बारां एईएन प्रथम कार्यालय के राजस्व अधिकारी सीताराम सोनी ने बताया कि शहर के करीब 17 हजार छह सौ नियमित में से करीब 13सौ उपभोक्ता ही ऑनलाइन बिल जमा करा रहे हैं।

ऐसे होते हंै बिल जमा
ऑनलाइन बिल जमा कराने के लिए उपभोक्ता को सबसे पहले जयपुर विद्युत वितरण निगम लिमिटेड के साइट पर स्वयं का एकाउंट बनाना होगा। इससे आई-डी सुरक्षित हो जाएगी तथा जब भी विद्युत निगम से सम्बन्धित बिल जमा करने, शिकायत करने, बिल निकालने आदि अन्य जानकारी प्राप्त करना सहज होगा। इसके लिए अलग-अलग ऑप्शन दिए जाते हंै। उपभोक्ता ई-मित्र क्योस्क से भी इस तरह बिल जमा करा सकते हैं।

-ऑनलाइन बिल तो जमा हो रहे हैं, लेकिन फिलहाल ऐसे उपभोक्ताओं की संख्या बहुत कम है। जिले में ट्रेजरी से जुड़े कार्यालय व सिंचाई, पेयजल योजनाओं व मोबाइल टावर कनेक्शन के उपभोक्ता ही इस सुविधा का अधिक उपयोग कर रहे हैं।
-प्रदीप अग्रवाल, जिला लेखाधिकारी जविविनि

प्रचार-प्रसार की कमी
निगम के सब डिवीजन स्तर पर उपभोक्ताओं को इसकी जानकारी नहीं दिए जाने तथा प्रचार-प्रसार के अभाव से सामान्य उपभोक्ता इस सुविधा का उपयोग नहीं कर पा रहे हैं। निगम के ऑनलाइन तकनीकी कार्य से जुड़े सूत्रों का कहना है कि सब डिवीजन स्तर पर बिल जमा करते समय सम्बन्धित उपभोक्ता के मोबाइल नम्बर भी लिखना होगा। इससे बाद में उपभोक्ता को मैसेज से जानकारी देना सुलभ होगा।