जयपुर। मुख्यमंत्री अशोक गहलोत वन नेशन, वन सोशल सिक्योरिटी के लिए केन्द्र सरकार पर दवाब बना रहे हैं, लेकिन राजस्थान में राज्यपाल कलराज मिश्र ने ही विधानसभा से पारित सामाजिक सुरक्षा से जुड़े 3 विधेयकों को रोक लिया है। राज्यपाल कलराज मिश्र ने किसानों की जमीनों को कुर्की से बचाने के लिए तीन साल पुराने पारित विधेयक पर कहा कि अब किसानों का वह विषय ही समाप्त हो गया है, वहीं गिग वर्कर्स को सुरक्षा कवच और न्यूनतम आय की गारंटी वाले विधेयकों पर उन्होंने कहा कि विधि विभाग से राय ली जा रही है। राज्यपाल मिश्र ने इंडिया बनाम भारत विवाद को लेकर कहा कि संविधान में इंडिया भी है और भारत भी, इसमें नया कुछ नहीं है।
राज्यपाल मिश्र ने शनिवार को यहां राजभवन में अपने कार्यकाल के 4 वर्ष की प्राथमिकताओं और आगामी वर्ष की कार्ययोजना के बारे में मीडिया से संवाद किया। उन्होंने अपने कार्यकाल पर आधारित “संविधान संस्कृति की उज्जवल राहें- प्रतिबद्धता के चार वर्ष” और “शिक्षा की संस्कृति” पुस्तकों का लोकार्पण भी किया। राज्यपाल मिश्र ने कहा कि उनके कार्यकाल के चार वर्ष संविधान संस्कृति की उज्ज्वल राहों को समर्पित रहे हैं। विधानसभा सत्र को लेकर तीन साल पहले मुख्यमंत्री द्वारा दी गई चुनौती पर उन्होंने कहा कि ऐसी नकारात्मक सवालों को अब पीछे छोड़ देना चाहिए। राज्य सरकार से किसी तरह का विवाद या कटुता नहीं थी, केवल स्पष्टीकरण मांगा था। न्यूनतम आय की गारंटी और गिग वर्कर्स से जुड़े विधेयक पर मिश्र ने कहा कि विधिक राय ले रहे हैं। उच्च शिक्षा की रैंकिग में सुधार राज्यपाल ने कहा कि सरकार को गुणवत्तापर्ण शिक्षा के लिए सुझाव भेज रहे हैं। गुरूकुल विद्यापीठ यूनिवर्सिटी मामले में क्लीन चिट पर राज्यपाल मिश्र ने कहा कि न्यायिक जांच के आधार पर अमरीका सिंह को राहत दी गई। उन्होंने इस मौके पर राज्य में चल रहे निजी उच्च् शिक्षण संस्थानों के प्रयासों की प्रशंसा की, वहीं विश्वविद्यालय कुलपतियों की नियुक्ति में स्थानीय प्रोफेसरों को प्राथमिकता नहीं दिए जाने के सवाल को उन्होंने टाल दिया।