
सौर कृषि आजीविका योजना: डिस्कॉम स्तर पर डेडीकेटेड हेल्प डेस्क की होगी स्थापना
जयपुर। सौर कृषि आजीविका योजना की किसानों व विकासकर्ताओं को जानकारी प्रदान के लिए शीघ्र ही डिस्कॉम स्तर पर डेडीकेटेड हेल्प डेस्क की स्थापना की जाएगी। इस नम्बर पर कार्यालय समय में किसान व विकासकर्ता कॉल करके और अधिक जानकारी भी प्राप्त कर सकते हैं। प्रमुख शासन सचिव ऊर्जा और अध्यक्ष डिस्कॉम्स भास्कर ए.सावंत ने सोमवार को वीडियो कान्फ्रेसिंग के माध्यम से योजना की प्रगति की समीक्षा की।
उन्होंने बताया कि अलवर व जयपुर जिले के किसानों ने योजना में अधिक उत्साह दिखाया है। इसमें अलवर जिले में 3 और जयपुर जिले में 7 किसानों ने अपनी भूमि का पंजीकरण निर्धारित फीस के साथ विभिन्न जीएसएस के लिए कराया है और पोर्टल पर जमीन के डॉक्यूमेन्ट भी अपलोड कर दिए है। डिस्कॉम अधिकारियों द्वारा भूमि के सत्यापन के पश्चात इन जीएसएस के लिए डिस्कॉम द्वारा शीघ्र ही टेण्डर जारी करने की प्रक्रिया की जाएगी। बैठक में जयपुर डिस्कॉम के प्रबन्ध निदेशक अजीत कुमार सक्सेना, अजमेर डिस्कॉम के प्रबंध निदेशक एन.एस. निर्वाण, जोधपुर डिस्कॉम के प्रबंध निदेशक प्रमोद टांक और तीनों डिस्कॉम के मुख्य अभियन्ता एवं अधीक्षण अभियन्ता उपस्थित रहे। गौरतलब है कि ऊर्जा मंत्री भंवर सिंह भाटी ने 17 अक्टूबर को सौर कृषि आजीविका योजना के पोर्टल का शुभारंभ किया था। यह पोर्टल किसानों एवं विकासकर्ताओं को किसानों की बंजर/अनुपयोगी भूमि पर सौर ऊर्जा संयत्रों की स्थापना में मदद करेगा।
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34 हजार से ज्यादा ने पोर्टल विजिट किया
समीक्षा बैठक में बताया कि योजना को अच्छा रेस्पान्स मिल रहा है। अब तक 34621 से अधिक लोगों ने योजना के पोर्टल को विजिट किया है। योजना के तहत 7217 किसानों ने अपनी बंजर/अनुपयोगी भूमि पर सौर ऊर्जा संयत्रों की स्थापना के लिए एसकेएवाई पोर्टल पर पंजीकरण कराया हैं। इसके साथ ही 753 सौर ऊर्जा संयत्रों के विकासकर्ताओं ने भी पोर्टल पर पंजीकरण करवाया है। 14 किसानों व 14 विकासकर्ताओं ने निर्धारित फीस भी जमा करवाई है।
Published on:
01 Nov 2022 07:21 pm
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