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जलदाय विभाग-शहर में पहला ग्रीन स्वच्छ जलाशय-शहर को पानी और कैंपस को बिजली सप्लाई होगी

स्वच्छ जलाशय की छत पर 100 किलोवाट क्षमता का लगेगा सोलर प्लांट मार्च के पहले सप्ताह से शुरू होगी पानी की सप्लाई

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जयपुर। जयपुर शहर में जलदाय विभाग पंप हाउसों के करोडों रुपए के बिजली के भारी भरकम सालाना बिल से परेशान है। विभाग ने भारी भरकम बिजली बिल से छुटकारा पाने की कवायद शुरू कर दी है। झालाना स्थित भूजल विभाग परिसर में 66 करोड़ रुपए की लागत वाली ट्रांसफर मेन परियोजना के तहत शहर का पहला ग्रीन स्वच्छ जलाशय तैयार हो रहा है। खास बात यह है कि इस स्वच्छ जलाशय से पानी के साथ बिजली की भी सप्लाई होगी। इंजीनियर उम्मीद कर रहे हैं कि मार्च के पहले सप्ताह से इस स्वच्छ जलाशय से दिल्ली रोड़ की 50 से ज्यादा कॉलोनियों की 80 हजार की आबादी को पानी और परिसर को 100 किलोवाट बिजली मिलना भी शुरू हो जाएगा।

100 किलोवाट बिजली पैदा होगी प्रतिदिन

परिसर में बन रहे एक करोड़ 35 लाख लीटर पानी भराव क्षमता वाले इस स्वच्छ जलाशय की छत पर सौर उर्जा प्लांट स्थापित किया जा रहा है। इससे प्रतिदिन 100 किलोवाट बिजली पैदा होगी। इस बिजली से स्वच्छ जलाशय परिसर के साथ यहां बनने वाले आवास भी रोशन होंगे। इसके साथ जो बिजली बचेगी, उसे डिस्कॉम को बेच कर जलदाय विभाग कुछ मुनाफा भी कमाएगा।

शहर के सभी पंप हाउस बनने थे ग्रीन पंप हाउस, योजना ठंडे बस्ते में

वर्ष 2021 में शहर के सभी पंप हाउस को ग्रीन पंप हाउस बनाने की योजना बनाई थी, जिससे बिजली बिल को कम करके विभाग को सालाना मोटे आर्थिक खर्च से बचाया जा सके, लेकिन यह योजना कागजों से बाहर नहीं निकल सकी। अगर शहर के पंप हाउस सौर उर्जा से चलते हैं तो सालाना 100 करोड़ रुपए से ज्यादा की बचत विभाग को हो सकती है।

वर्जनएक करोड़ 35 लाख लीटर पानी भराव क्षमता का यह स्वच्छ जलाशय पूरी तरह से ग्रीन स्वच्छ जलाशय होगा। जलाशय की छत पर 100 किलोवाट का सोलर प्लांट स्थापित करने जा रहे हैं। प्लांट से बनने वाली बिजली से परिसर रोशन होगा और बिजली के भारी भरकम बिल से हमेशा के लिए मुक्ति मिलेगी।

सुनील शर्मा

वरिष्ठ उपाध्यक्ष

जलाशय निर्माण कंपनी