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डेढ़ साल की बेटी ने पिता बोलना शुरू भी नहीं किया था और पिता का साया उठ गया…. मासूम बिटिया को पता नहीं अब पिता कभी नहीं लौटेंगे….

Soldier Martyred in Lej Ladakh : डेढ़ साल की बेटी को मां अब तक पिता की फोटो दिखाकर पिता बोलना सीखा रही थी, लेकिन अब मासूम को क्या पता जिस पिता को वह तस्वीर में देखती है वह पिता अब हमेशा तस्वीर में ही रहेंगे.

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Pic Ladd Lal

Soldier Martyred in Lej Ladakh : राजस्थान के चित्तौडगढ़ जिले में रहने वाले फौजी की लेह लद्दाख में शहादत हो गई। उनकी पार्थिव देह आज दोपहर तक उनके गांव में लाई जाएगी। पार्थिव देह का दोपहर बाद परिवार और गण मान्य लोगों की मौजूदगी में अंतिम संस्कार किया जाएगा। लेकिन इस बीच शहीद के परिवार के हालात खराब होते जा रहे है। परिवार का मुखिया चला गया है। पत्नी और डेढ़ साल की बेटी के सामने अभी पूरा जीवन पड़ा है। डेढ़ साल की बेटी को मां अब तक पिता की फोटो दिखाकर पिता बोलना सीखा रही थी, लेकिन अब मासूम को क्या पता जिस पिता को वह तस्वीर में देखती है वह पिता अब हमेशा तस्वीर में ही रहेंगे.

दरअसल लेह में शहीद हुए 32 साल के लादू लाल सुखवाल अगले साल रिटायर होने जा रहे थे। कुछ समय पहले ही लादूलाल ने चित्तौडगढ़ में घर बनाया था और वहां उनकी पत्नी सुरभि एवं परिवार के कुछ अन्य लोग रह रहे थे। परिवार खुश था कि जल्द ही लादूलाल हमेशा के लिए उनके साथ रहने वाले हैं।

लादूलाल की शादी साल पहले ही हुई थी। लादूलाल की पार्थिव देह को पहले उदयपुर लाया जाएगा और उसके बाद सड़क मार्ग से उनके पैतृक गांव रूद्र राशमी लाया जाएगा। लादूलाल 16 राजपूत रेजीमेंट में बतौर नायक पद पर काम संभाल रहे थे। लादूलाल कुछ समय पहले ही तीन महीने की छुट्टियों पर आए थे। उसके बाद दिवाली पर आने की बातचीत चल रही थी। लेकिन अब तिरंगे में लिपटकर वे हमेशा के लिए लौट आए हैं और अब परिवार की यादों में रहेंगे।