
पारसनाथ दिगंबर जैन समाज समिति मानसरोवर हीरा पथ के सदस्यों की ओर से सम्मेद शिखर जी तीर्थ में अष्टान्हिका महापर्व के दौरान घटयात्रा निकाली। झंडारोहण प्रतिष्ठाचार्य पंडित जितेंद्र कुमार, विनोद कुमार जैन ने किया। मंदिर समिति के अध्यक्ष धन कुमार, मीना कासलीवाल ने बताया कि इसके बाद सभी यात्रियों ने सिद्ध चक्र महामंडल विधान की पूजा से पूर्व मंडल शुद्धि की क्रियाएं की। सिद्धों की आराधना महामंडल विधान पर अष्ट द्रव्य से की। भक्त 25 मार्च तक पूजा अर्चना करेंगे। महामंडल विधान में छुट्टन कुमार, उषा बड़जात्या, मंत्री सुरेंद्र जैन, सुलोचना कासलीवाल मौजूद रहे। विद्वानों ने कहा कि सिद्धक्षेत्र पर सिद्धों की आराधना करना विशेष पुण्य का बंध कराता है। इसी उद्देश्य को लेकर सभी यात्री श्रीजी की आराधना कर रहे हैं। सम्मेद शिखर की पावन धरा वह पुण्यशाली धारा है जहां से अनेक तीर्थंकरों ने मोक्ष को प्राप्त किया है जैन समाज का यह सर्वोच्च तीर्थ क्षेत्र है ऐसे क्षेत्र पर पूजा पाठ करना अपने आप में गौरव की बात है।
जैन धर्म में विशेष स्थान
आठ दिन मनाया जाने वाला अष्टाह्निका पर्व जैन धर्म में विशेष स्थान रखता है। आठ दिन का यह उत्सव, साल में तीन बार मनाया जाता है। इस अवधि में जैन मत को मानने वाले रोज मंदिरों में विशेष पूजा, सिद्धचक्र मंडल विधान, नन्दीश्वर विधान और मंडल पूजा सहित कई प्रकार के अनुष्ठान करते हैं। भगवान महावीर स्वामी को समर्पित उत्सव जैन धर्म के सबसे पुराने पर्वों में से एक है। ये साल में तीन बार कार्तिक, फाल्गुन और आषाढ़ के महीनों में मनाया जाता है।
Published on:
18 Mar 2024 02:32 pm
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