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14 लाख के खातों में 60 करोड़ की सब्सिडी, गहलोत बोले—जनता का पैसा जनता के लिए खर्च करना रेवडी बांटना नहीं

प्रदेश में इंदिरा गांधी गैस सिलेण्डर सब्सिडी योजना के तहत सोमवार को मुख्यमंत्री अशोक गहलाते ने 14 लाख लाभार्थियों के खाते में सब्सिडी की राशि हस्तांतरित की। इस दौरान करीब 60 करोड़ रुपए हस्तांतरित किए गए।

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14 लाख के खातों में 60 करोड़ की सब्सिडी, गहलोत बोले—जनता का पैसा जनता के लिए खर्च करना रेवडी बांटना नहीं

14 लाख के खातों में 60 करोड़ की सब्सिडी, गहलोत बोले—जनता का पैसा जनता के लिए खर्च करना रेवडी बांटना नहीं

मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ने सोमवार को जयपुर स्थित राजस्थान इंटरनेशनल सेंटर में आयोजित राज्य स्तरीय लाभार्थी उत्सव में एक बार फिर केंद्र सरकार को आडे हाथ लिया। इंदिरा गांधी गैस सिलेण्डर सब्सिडी योजना के लाभार्थियों को संबोधन में गहलोत ने कहा कि प्रदेश में महिलाओं को मुखिया बनाकर जनकल्याणकारी योजनाएं लागू की जा रही है। इन योजनाओं के माध्यम से जनता का पैसा राहत के रूप में जनता पर ही खर्च किया जा रहा है। यह रेवडी न होकर जनसेवा का कार्य है। इस दौरान उन्होंने बटन दबाकर एक साथ 14 लाख लाभार्थियों के खातों में 60 करोड़ रुपए के लाभ का हस्तातंरण किया।
लाभार्थियों से संवाद के दौरान गहलोत ने उनसे महंगाई राहत कैम्पों में मिल रहे लाभ एवं राज्य सरकार की ओर से संचालित विभिन्न योजनाओं के सम्बन्ध में चर्चा की। गहलोत ने कहा कि पात्र परिवारों को हर महीने 500 रुपए में गैस सिलेण्डर दिया जा रहा है। जनता के पैसे से ही सरकार योजनाएं संचालित करती हैं, इसलिये राहत पाना आपका अधिकार है।

महंगाई सबसे बड़ी समस्या
मुख्यमंत्री गहलोत ने कहा कि राज्य सरकार बचत, राहत, बढ़त की सोच के साथ नीतियां एवं कार्यक्रम बना रही है। महंगाई वर्तमान में देश की बड़ी समस्या है। आमजन महंगाई की मार से त्रस्त है। राज्य सरकार जनता पर मंहगाई का बोझ कम करने के लिए प्रतिबद्ध है। उन्होंने कहा कि लोगों को बढ़ती कीमतों के कारण गैस सिलेण्डर खरीदने में कठिनाई हो रही है। इंदिरा गांधी गैस सिलेण्डर सब्सिडी योजना के माध्यम से राज्य सरकार 1140 रुपए तक का सिलेण्डर 500 रुपए में उपलब्ध करा रही है और आमजन को महंगाई से राहत देने के लिए किए गए वादे पूरे कर रही है।

दस योजनाओं से राहत
गहलोत ने कहा कि प्रदेशभर में महंगाई राहत कैम्प के माध्यम से 10 योजनाओं से लोगों को अधिकतम राहत पहुंचाई जा रही है। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार की ओेर से प्रदेशवासियों को 500 रुपए में गैस सिलेण्डर, 25 लाख रुपए तक का निशुल्क इलाज, न्यूनतम 1000 रुपए पेंशन, दुधारू पशुओं का बीमा, अन्नपूर्णा फूड किट, मुख्यमंत्री ग्रामीण रोजगार गारंटी योजना, इंदिरा गांधी शहरी रोजगार गारंटी योजना तथा घरेलू उपभोक्ताओं के लिए 100 यूनिट प्रतिमाह बिजली निःशुल्क, 200 यूनिट बिजली तक सभी सरचार्ज हटाने एवं कृषि उपभोक्ताओं के लिए प्रतिमाह 2000 यूनिट बिजली निःशुल्क दिए जाने जैसी योजनाएं लागू की गई हैं। मुख्यमंत्री ने कहा कि अब तक महंगाई राहत कैम्पों से 1.43 करोड़ परिवार जुड़ चुके हैं तथा 6.44 करोड़ गांरटी कार्ड दिए जा चुके हैं।

केंद्र सामाजिक सुरक्षा कानून लागू करे
गहलोत ने कहा कि जिस प्रकार पूर्ववर्ती केंद्र सरकार की ओर से कानून बनाकर शिक्षा, सूचना, खाद्य सुरक्षा एवं रोजगार के अधिकार दिए गए, उसी तर्ज पर राज्य में आमजन को स्वास्थ्य का अधिकार कानून बनाकर दिया गया है। केंद्र सरकार को कानून बनाकर पात्र नागरिकों को सामाजिक सुरक्षा का अधिकार देना चाहिए।

मानवीय दृष्टि से लागू की पुरानी पेंशन योजना
मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रदेश में मानवीय दृष्टि से पुरानी पेंशन योजना लागू की गई है। इससे कर्मचारियों में अपने भविष्य के प्रति सुरक्षा की भावना आई है। सेवानिवृत्ति के पश्चात कर्मचारियों का भविष्य शेयर मार्केट के अधीन नहीं रखा जा सकता है। केंद्र सरकार को पूरे देश में ओपीएस लागू करनी चाहिए।

महिलाओं को जल्द मिलेगा स्मार्टफोन
गहलोत ने कहा कि जल्द ही महिलाओं को 3 वर्ष की इंटरनेट कनेक्टिविटी के साथ स्मार्टफोन उपलब्ध करवाने की शुरुआत होगी। यह भी महिलाओं के सशक्तीकरण का एक माध्यम है। मुख्यमंत्री ने इस अवसर पर प्रदेश के विभिन्न जिलों से जुड़े लाभार्थियों से संवाद किया।

33 जिलों में लाभार्थियों को लाभ हस्तांतरण
मुख्यमंत्री ने लाभार्थी उत्सव के दौरान अजमेर के 54694, अलवर के 59514, बांसवाड़ा के 25615, बारां के 29246, बाड़मेर के 67362, भरतपुर के 58515, भीलवाड़ा के 52064, बीकानेर के 54626, बूंदी के 26613, चित्तौड़गढ़ के 41445, चूरू के 56618, दौसा के 41532, धौलपुर के 25918, डूंगरपुर के 19718, हनुमानगढ़ के 36979, जयपुर के 80100, जैसलमेर के 17584, जालोर के 38115 तथा झालावाड़ के 39115 उपभोक्ताओं के खातों में लाभ हस्तांतरित किया। गहलोत ने झुन्झुनूं के 47181, जोधपुर के 65767, करौली के 28460, कोटा के 27509, नागौर के 70517, पाली के 40731, प्रतापगढ़ के 15005, राजसमंद के 27873, सवाई माधोपुर के 26499, सीकर के 61153, सिरोही के 18817, श्रीगंगानगर के 45200, टोंक के 38950 और उदयपुर के 51553 उपभोक्ताओं को प्रत्यक्ष लाभ का हस्तांतरण किया।