
Spic Macay की अनुभव सीरीज में घर बैठे पढ़ाया गया शास्त्रीय संगीत का पाठ
इमरान शेख, जयपुर
स्पिक मैके ( Spic Macay ) का पूरा नाम Society for the Promotion of Indian Classical Music And Culture Amongst Youth है। इस नॉन-प्रॉफिट ऑर्गनाइजेशन Spic Macay के इवेंट में दुनियाभर के करीब 1500 युवा शामिल होते हैं। इस संस्था का मकसद युवाओं को भारत की संस्कृति, लोक-संगीत और योग जैसी चीजों से युवाओं को रू-ब-रू कराना है। कोविड-19 ( Covid 19 ) महामारी के बीच मानसिक तनाव को कम करने और हमारी विरासत की समृद्धि का अनुभव करने के हर साल आयेजित होने वाले सालाना कन्वेंशन के तहत ऑनलाइन तरीके से देश—दुनिया के दिग्गज कलाकारों ने घर बैठे युवाओं को शास्त्रीय संगीत का पाठ पढ़ाया। स्पिक मैके जयपुर चैप्टर के प्रवक्ता संदीप चंडोक का कहना है कि हर साल जून में आयोजित होने वाले सालाना कन्वेंशन में युवाओं का उत्साह देखते ही बनता था। लेकिन इस साल कोरोना के चलते घर बैठे YouTube और ऑनलाइन वीडियो कॉन्फ्रेसिंग के जरिए सभी गतिविधियों को आयोजित किया गया। जिसमें शास्त्रीय संगीत के दिग्गज कलाकारों के साथ ही भारतीय सिनेमा के नामी कलाकारों ने भी भारतीय सिनेमा के क्लासिक संगीत पर बातचीत की।
इन कलाकारों ने की ऑनलाइन बातचीत
कन्वेंशन के तहत संगीत मार्तंड पं.जसराज, पं.हरिप्रसाद चौरसिया, उस्ताद वासिफउददीन डागर, उस्ताद शाहिद परवेज, पं.राजन—साजन मिश्र, पं.पंजन सोपोरी सहित कई कलाकारों ने भारती संगीत की विरासत को संभालने पर युवाओं पर जोर दिया। साथ ही इन कलाकारों ने संगीत सीखने से पहले संगीत की तमीज पर भी रोशनी डाली। कन्वेंशन के तहत मशहूर गीतकार जावेद अख्तर, अभिनेत्री शबाना आजमी, फिल्मकार श्याम बेनेगल और अभिनेता रजीत कपूर और पल्लवी जोशी जैसे दिग्गज कलाकारों ने भी क्लासिक फिल्मों और उनके म्यूजिक पर बातचीत की। इस ऑनलाइन वीडियो कॉन्फ्रेसिंग के जरिए युवाओं के सवालों का दिग्गज कलाकारों ने खूबसूरत तरीके से जवाब भी दिए।
रागों के महत्व के साथ सिनेमा पर बात
एक सेशन द मेकिंग ऑफ़ द महात्मा में फिल्मकार श्याम बेनेगल, अभिनेता रजीत कपूर व अभिनेत्री पल्लवी जोशी ने क्लासिकल सिनेमा पर अपनी बात रखी। जबकि स्पिक मैके के संस्थापक किरण सेठ ने अपनी स्पीच में स्पिक मैके की नींव पर प्रकाश डाला। अगले सेशन में वरिष्ठ शास्त्रीय गायक पं. जसराज और पं. हरि प्रसाद चौरसिया ने भी अपनी प्रस्तुतियों के जरिए रागों के महत्व पर जोर दिया।
स्पिक मैके के संस्थापक किरण सेठ ने बताया कि संस्था को सरकार के संस्कृति मंत्रालय से सहायता मिलती रहती है। इस नॉन-प्रॉफिट ऑर्गनाइजेशन Spic Macay के इवेंट में दुनियाभर के 1500 युवा शामिल होते हैं। अनुभव-2020 कन्वेंशन कोरोना महामारी के चलते ऑनलाइन वीडियो कॉन्फ्रेसिंग के जरिए आयोजित किया गया। जिसमें शास्त्रीय संगीत, गायन—वादन, नृत्य और योग के साथ—साथ सिनेमा और कलाकृतियों का भी प्रदर्शन किया गया। उन्होंने बताया कि Spic Macay का सालाना इंटरनेशनल कन्वेंशन पिछले 40 सालों से हर साल आयोजित होता आ रहा है। इस कन्वेंशन का मकसद युवाओं को भारत की संस्कृति, लोक-संगीत और योग जैसे चीजों से रू-ब-रू कराना होता है।
आइए जानते हैं Spic Macay के बारे में
Spic Macay का पूरा नाम Society for the Promotion of Indian Classical Music And Culture Amongst Youth है। इसे बनाने वाले किरन सेठ बहुत ही लो-प्रोफाइल शख्स हैं। उनके जानने वाले बताते हैं कि संस्था के लिए इतना काम करने के बाद किरन ऐसे रहते हैं कि राह चलते आप उन्हें पहचान भी न पाएं। किरन को 2009 में पद्मश्री से सम्मानित किया गया था। बात अगर कन्वेंशन की करें तो इसमें क्लासिकल म्यूजिक, क्लासिकल डांस कॉन्सर्ट, फोक आर्ट, क्राफ्ट और क्लासिक सिनेमा की स्क्रीनिंग होती है। इसमें शामिल होना भारत के लोक को जानने-समझने का अच्छा मौका होता है।
एक रिपोर्ट के मुताबिक स्पिक मैके सालभर में 5000 से ज्यादा प्रोग्राम आयोजित कराता है। जिसमें 300 चैप्टर इंडिया में होते हैं और 20 देश से बाहर। स्पिक मैके की वेबसाइट के मुताबिक 2012-13 में संस्था ने भारत के 800 शहरों के 1500 इंस्टीट्यूट्स में 7500 से ज्यादा प्रोग्राम कराए थे। जिसमें 30 लाख स्टूडेंट शामिल हुए। साथ ही 50 विदेशी शहरों में भी इवेंट कराए गए। अपने इवेंट के लिए Spic Macay आश्रम जैसा माहौल तैयार करवाता है ताकि भाग लेने वाले लोग असल भारत के माहौल में इसके असल हुनर को एन्जॉय कर सकें। संस्था को ऑब्जर्व करने वाले कुछ लोग ये भी बताते हैं कि Spic Macay के कार्यक्रम में आने के लिए लगभग सभी कलाकार अपना मेहनताना कम कर देते हैं ताकि सैकड़ों लोगों को फायदा पहुंचाने वाला यह इवेंट आसानी से हो सके।
Published on:
09 Jun 2020 09:37 pm
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