
फूल-पत्तियां भी खाती है मकड़ी
1. क्या आप जानते हैं मकड़ी का पाचन तंत्र बहुत ही कमजोर होता है। ठोस भोजन पचाना इसके बस की बात नहीं है। असल में मकड़ी अपने शिकार के अंदर एक तरल पदार्थ छोड़ती है, जो उसके अंगों और टिश्यूज को कोमल बनाने का काम करता है। जब आंतरिक अंग पिघल जाते हैं तो मकड़ी उन्हें चूस लेती है।
2. नीले खून वाली होती हैं मकड़ी। दरअसल, मकड़ी के खून में लोहे की जगह तांबा होता है, जो उसके खून को नीला रंग देता है।
3. इधर-उधर चलने के लिए मकड़ी मसल्स पर निर्भर नहीं है, बल्कि अपने रक्तचाप को नियंत्रित करके गति करती है।
4. अंटार्कटिका को छोडक़र संपूर्ण विश्व में मकड़ी की प्रजातियां हैं।
5. दुनियाभर में मकड़ी के कुनबे की बात की जाए तो यह ४५ हजार प्रजातियां हैं।
6. मकड़ी की एक प्रजाति का नाम क्रैब स्पाइडर है, जो जगह के हिसाब से अपना रंग बदल सकती है।
7. यदि मकड़ी का जाला पुराना हो जाए और नष्ट न हो तो मकड़ी जाले को ही अपना आहार बना लेती है। दरअसल, मकड़ी इस जाले से नया जाला बनाने की शक्ति लेती है।
8. दीवार पर जाला बुनने वाली मकड़ी पानी में भी आराम से जीवन बिताती है। असल में मकड़ी की एक प्रजाति डाइविंग बेल स्पाइडर पानी में ही रहती है।
9. मकड़ी की एक प्रजाति ऐसी भी है, जो शाकाहारी होती है। बाघेरा किपलिंगी मकड़ी की खोज 1800 ईस्वी में की गई थी और यह ज्यादातर बबूल के पौधों की कलियों पर पाई गई थी।
10. गोलियत मकड़ी विश्व की सबसे बड़ी मकड़ी है। यह मकड़ी 11 इंच तक चौड़ी हो सकती है। यह मकड़ी, छिपकली, चूहे और यहां तक कि छोटे सांप और पक्षियों का भी शिकार कर सकती है।
Published on:
28 Mar 2020 04:58 pm
बड़ी खबरें
View Allजयपुर
राजस्थान न्यूज़
ट्रेंडिंग
