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सांभर झील को भरने वाली नदी का रास्ता रोका, बनाए खारड़े

नमक माफिया का प्रभाव, कलक्टर ने भी नहीं सुनी अतिक्रमण की शिकायत

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सांभर झील को भरने वाली नदी का रास्ता रोका, बनाए खारड़े

सांभर झील को भरने वाली नदी का रास्ता रोका, बनाए खारड़े

ओमप्रकाश शर्मा
जयपुर. सांभर झील का अस्तित्व खतरे में है। झील में पानी का मुख्य स्रोत मिंडा नदी के रास्ते को कुछ लोगों ने कब्जा लिया है। यहां नमक के अवैध खारड़े बना लिए गए हैं। अतिक्रमियों का प्रभाव ऐसा है कि सांभर साल्ट लि. ने अदालत के आदेश का हवाला देते हुए तहसीलदार से लेकर नागौर कलक्टर तक शिकायत की, लेकिन सुनवाई नहीं हुई। अतिक्रमण नहीं रोका गया तो एक तरफ जहां झील में पानी नहीं पहुंचेगा, वहीं नावां शहर में बरसात का पानी भरने की आशंका है।यह अतिक्रमण डेडिकेटेड ट्रायल ट्रेक के पास किया गया है। ट्रेक मिंडा नदी पर बना है। ट्रेक के लिए पुल बनाया गया है, जिसके नीचे नदी के पानी को रास्ता देने के लिए करीब 150 मीटर में 40 मोरे बने हैं। अतिक्रमियों ने इस रास्ते में ही नमक के खारड़े बनाने शुरू कर दिए हैं। अतिक्रमण का पता चलने पर सांभर साल्ड लि. की टीम मौके पर पहुंची तो बाहुबल के आगे उन्हें भी मौके से भागना पड़ा।

मामले की गम्भीरता को देखते हुए मामले की शिकायत तहसीलदार नावां व नागौर कलक्टर को दी गई। शिकायत में बताया कि मौके पर कुछ लोग उपस्थित मिले। आरोप है कि ये लोग यहां अतिक्रमण कर रहे हैं। शिकायत में यह भी बताया कि वहां खारड़े बनाने में जो वाहन उपयोग में लिए जा रहे हैं, उनमें किसी के भी रजिस्ट्रेशन नम्बर अंकित नहीं हैं। शिकायत में अतिक्रमण कर रहे लोगों को नामजद किया गया है। बीस दिन से यहां काम तेज गति से चल रहा है, लेकिन प्रशासन ने कोई कार्रवाई नहीं की।

साम्भर साल्ट लि. के महाप्रबंधक सेवानिवृत्त लेफ्टनेंट कर्नल रक्षपाल सिंह खंगारोत ने बताया कि मिंडा नदी झील में पानी का मुख्य स्रोत है। इसी नदी के पानी से झील का जल स्तर बढ़ता है। चालीस मोरिया झील के डबोक क्षेत्र में हैं। यहां करीब बीस फीट पानी भरा रहता है। इस कारण अतिक्रमियों की इस क्षेत्र पर नजर है। अतिक्रमण को रोका नहीं गया तो नावां क्षेत्र का इको सिस्टम भी बिगड़ जाएगा।

अतिक्रमण को लेकर हुई हत्याक्षेत्र में नमक माफिया सक्रिय है। नमक विवाद को लेकर गत वर्ष यहां जयपाल पूनिया की हत्या की गई थी। सुपारी देकर कराई गई हत्या के मामले में नागौर पुलिस ने विधानसभा में उप मुख्य सचेतक महेन्द्र चौधरी के भाई मोती सिंह चौधरी को गिरफ्तार किया था। वह अभी भी न्यायिक हिरासत में है। इसके अलावा यहां नमक को लेकर आपसी विवाद के कई मामले सामने आ चुके हैं।