
भारत देश जहां अपनी विविधताओं के लिए विश्वभर में मशहूर है, तो वहीं यहां देवी-देवताओं के साथ पेड़ों और जानवरों की पूजा-अराधना भी उतनी ही अधिक लोकप्रिय है। इसके बावजूद आपको जानकार हैरानी होगी कि देश के वीर भूमि के नाम से पहचाने जाने वाले राज्य राजस्थान में लोग मोटरबाइक की पूजा भी करते हैं, जो अपने आप में किसी रहस्य से कम नहीं है। लेकिन ये सच है, प्रदेश के पाली स्थित ओम बन्ना मंदिर में एक मोटरसाइकिल की पूजा देवता की तरह की जाती है। यहां काले रंग की एक रॉयल एनफील्ड बुलेट जो फूलों की माला से लदी एक शीशे के बक्से में रखी गई, यहां उसकी पूजा-अराधना की जाती है। जिसके पीछे यहां के लोगों की आस्था के साथ कई विशेष तरह की मान्यताएं जुड़ी हुई है।
प्रदेश के पाली जिले के चोटिला गांव में यह मंदिर स्थित है, जबकि जोधपुर से लगभग 50 किलोमीटर की दूरी पर राष्ट्रीय राजमार्ग 65 को पार करते समय मंदिर मिलती है। जहां हर दिन सैकड़ों लोग शराब नहीं पीकर कर सुरक्षित यात्रा के लिए प्रार्थना करते ओम बन्ना के मंदिर में दिखाई पड़ते हैं। यहां पर ओम बन्ना की 350 सीसी रॉयल एनफ़ील्ड बुलेट जिसका नंबर 7773 है, जिसकी पूजा यहां पिछले 28 सालों से लोग करते आ रहे हैं, जबकि इसके पीछे की कहानी भी उतनी ही अधिक दिलचस्प है।
सड़क हादसा और ओम बन्ना की रहस्यमय कहानी...
बात साल 1988 की है, जब यहां के शक्तिशाली राजपूत परिवार से नाता रखने वाले ओम सिंह राठैर (ओम बन्ना) ससुराल से होकर अपने गांव चोटिला आ रहे थे, तभी उस स्थान पर उनकी बाइक एक पेड़ से टकरा गई और मौके पर ही ओम बन्ना की मौत हो गई। जिसके बाद मौके पर पहुंची रोहट पुलिस ने उनकी बाइक को थाने ले गई। लेकिन अगली सुबह का हादसा सबको चौंकाने वाला निकला। जब पुलिस को उनकी गाड़ी थाना में नहीं मिलकर हादसे वाली जगह पर मिली। जिसके बाद समझा गया कि किसी ने ऐसा जानबूझकर किया है, इसलिए पुलिस ने उनकी गाड़ी को थाने लाकर चैन से बांध दिया। लेकिन फिर से वहीं घटना हुई, बाइक की चैन टूटी पड़ी थी और बाइक अपने मालिक की दुर्घटना वाले जगह पर खड़ी मिली। जिसके बाद से यह विषय लोगों में कौतुहल बन गया। जिसके बाद गांव के लोगों ने फैसला लिया और बाइक को घटना वाले स्थान पर ले जाकर रख दिया। और इसके बाद से ही इस स्थान को दैविक स्थान मानकर लोग पूजा-अराधना करने लगे।
थानाधिकारी भी लगाते हैं धोक...
सबसे खास बात कि जिस जगह पर ओम बन्ना की मौत सकड़ हादसे में हुई थी, और फिर उसके बाद से लोगों ने उनकी बाइक रॉयल एनफ़ील्ड बुलेट को उस स्थान पर रख दिया, उसके बाद से यहां कोई सड़क हादसा दुबारा नहीं हुआ। जिसे लोग ओम बन्ना और इस मंदिर का चमत्कार मानते हैं, और अपनी भक्ति भाव से अराधना करते हैं। इस मंदिर में एक पुजारी भी है, जो कि हर दिन मंदिर में पूजा-पाठ की जिम्मेदारियों को बखूबी निभाते हैं। तो वहीं इस घटना के बाद से मंदिर पूरे इलाके में बुलेट बाबा के नाम से मशहूर हो गया। इतना ही नहीं अब यहां लोग काफी संख्या में दोक लगाते आते हैं, जबकि ऐसा कहा जाता है कि जो भी रोहट थाने में बतौर नए थानेदार बनकर आते हैं वो भी ओम बन्ना की मंदिर में धोक लगाने जरुर आते हैं।
हर मनाेकामना पूरी होती है यहां...
ओम बन्ना देवल पर आने वाले अधिकांश श्रद्धालु मन्नत मांगने या मन्नत पूरी होने की बात करते है। सूरज, नागौर क्षेत्र, मध्य प्रदेश से आए श्रद्धालुओं से बात करने पर उन्होंने ओम बन्ना देवल आने के बाद उनकी इच्छा पूरी होने की बात की। कई लोग अपने मित्रों व विभिन्न पत्र-पत्रिकाओं में ओम बन्ना के बारे में पढक़र देवल पर मत्था टेकने की बात कही। ओम बन्ना देवल पर आने वाले श्रद्धालुओं से बातचीत में एक ही बात सामने आई कि ओम बन्ना उनकी इच्छा पूरी करते है। यहां ओम बन्ना के मंदिर के बाहर उनकी शादी की तस्वीरें भी लगी हुई है, जबकि यहां के लोगों के बीच वो किसी भगवान से कम नहीं हैं।
Published on:
10 Nov 2017 08:09 pm

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