
पिछले दो लोकसभा चुनावों में प्रदेश की सभी 25 सीटों पर हार का मुंह देख रही कांग्रेस इस बार अलग जद्दोजहद में जुटी है। पार्टी जीत के लिए कई रणनीति पर काम कर रही है। यही वजह है कि इस बार प्रत्याशी चयन सहित कई मामलों में पार्टी फूंक-फूंक कर कदम रख रही है। अखिल भारतीय कांग्रेस कमेटी (एआईसीसी) की ओर से आंतरिक सर्वे करवाया जा चुका है। सर्वे के आधार पर 25 सीटों को ए, बी और सी श्रेणी में बांटा गया है। ए श्रेणी में 9, बी में 5 और सी में 11 सीटों को रखा गया है। ए श्रेणी में उन सीटों को रखा गया है, जहां पार्टी खुद की िस्थति बेहतर और मजबूत मानती है। इन सीटों पर कांग्रेस विधायकों की संख्या भी ज्यादा है। वहीं, बी और सी श्रेणी में उन सीटों को रखा गया है, जहां विधानसभा चुनाव में पार्टी का औसत या कमजोर प्रदर्शन रहा है।
किस श्रेणी में कौन सी सीटें
ए श्रेणी में डूंगरपुर-बांसवाड़ा, नागौर, सीकर, झुंझुनूं, चूरु, दौसा, टोंक-सवाईमाधोपुर, करौली-धौलपुर और गंगानगर हैं। बी श्रेणी में जयपुर देहात, कोटा-बूंदी, जालौर-सिरोही अलवर और भरतपुर है। सी श्रेणी में जयपुर शहर, पाली, राजसमंद, उदयपुर, अजमेर, चित्तौड़गढ़, भीलवाड़ा, बीकानेर, जोधपुर, झालावाड़ और बाड़मेर-जैसलमेर है।
ए श्रेणी वाली 9 लोकसभा क्षेत्रों में कांग्रेस के 42 विधायक
दरअसल ए श्रेणी वाली 9 लोकसभा सीटों पर कांग्रेस अपनी स्थिति इसलिए भी मजबूत मानकर चल रही है कि विधानसभा चुनाव में पार्टी ने यहां अच्छा प्रदर्शन किया था। नौ लोकसभा क्षेत्रों में कांग्रेस के 42 विधायक चुनकर आए।.....
दिग्गज विधायकों को उतारें तो बात बने
आंतरिक सर्वे में भले ही पार्टी की स्थिति 9 सीटों पर मजबूत बताई गई है, लेकिन थिंक टैंक ने इन सीटों पर दिग्गज विधायकों को चुनाव मैदान में उतारने की सिफारिश भी की है। थिंक टैंक का मानना है कि जनाधार वाले विधायक चुनाव लड़ें तो इन सीटों पर जीत मिल सकती है।
Published on:
26 Feb 2024 12:54 am
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