1 जनवरी 2026,

गुरुवार

Patrika LogoSwitch to English
home_icon

मेरी खबर

icon

प्लस

video_icon

शॉर्ट्स

epaper_icon

ई-पेपर

‘उदयपुर फाइल्स’ की रिलीज पर रोक बरकरार, सुप्रीम कोर्ट ने केंद्र सरकार को दिया ये आदेश

Udaipur Files: सुप्रीम कोर्ट ने उदयपुर में 2022 के चर्चित कन्हैया लाल दर्जी हत्याकांड पर आधारित फिल्म 'उदयपुर फाइल्स' की रिलीज पर लगी रोक को हटाने से इनकार कर दिया।

2 min read
Google source verification
Udaipur Files

(पत्रिका फाइल फोटो)

Udaipur Files: सुप्रीम कोर्ट ने उदयपुर में 2022 के चर्चित कन्हैया लाल दर्जी हत्याकांड पर आधारित फिल्म 'उदयपुर फाइल्स' की रिलीज पर लगी रोक को हटाने से इनकार कर दिया। सुप्रीम कोर्ट ने केंद्र सरकार के द्वारा गठित किए गए पैनल की रिपोर्ट आने तक फिल्म को रिलीज न करने का आदेश दिया है। कोर्ट ने केंद्र सरकार के पैनल को निर्देश दिया कि वह फिल्म से जुड़ी याचिकाओं पर तुरंत फैसला ले। मामले की अगली सुनवाई 21 जुलाई को होगी।

न्यायमूर्ति सूर्यकांत और न्यायमूर्ति जॉयमाल्या बागची की पीठ ने फिल्म निर्माताओं से कहा कि कन्हैया लाल दर्जी हत्याकांड के आरोपियों को फिल्म रिलीज होने पर प्रतिष्ठा को हुए नुकसान की भरपाई नहीं की जा सकती, लेकिन फिल्म निर्माताओं को आर्थिक रूप से क्षतिपूर्ति दी जा सकती है।

फिल्म निर्माताओं को दी ये सलाह

वहीं, कोर्ट ने फिल्म निर्माताओं को सलाह दी कि वे पहले केंद्र सरकार के समक्ष अपनी बात रखें। पीठ ने कहा कि अनुच्छेद 21 (जीवन का अधिकार) अनुच्छेद 19 (अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता) से ऊपर है। जस्टिस सूर्यकांत ने टिप्पणी की कि फिल्म उद्योग में सस्पेंस जितना ज्यादा होता है, फिल्म उतनी ही बेहतर मानी जाती है। कोर्ट ने यह भी नोट किया कि केंद्र का पैनल इस मामले पर आज दोपहर 2:30 बजे सुनवाई करेगा।

यहां देखें वीडियो-


फिल्म निर्माताओं ने रखी ये दलीलें

फिल्म निर्माताओं की ओर से वरिष्ठ वकील गौरव भाटिया ने दलील दी कि दिल्ली हाई कोर्ट का रिलीज पर रोक का आदेश अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता का उल्लंघन करता है। उन्होंने कहा कि यह फिल्म वास्तविक घटना पर आधारित है और किसी समुदाय को निशाना नहीं बनाती।

याचिकाकर्ता की तरफ से आई ये दलीलें

वहीं, दूसरी ओर, जमीयत उलेमा-ए-हिंद के अध्यक्ष मौलाना अरशद मदनी की ओर से वरिष्ठ वकील कपिल सिब्बल ने तर्क दिया कि फिल्म हिंसा भड़का सकती है और एक समुदाय को बदनाम करती है। सिब्बल ने कहा कि उन्होंने फिल्म देखी और इसे देखकर वे स्तब्ध रह गए। उन्होंने जोर देकर कहा कि ऐसी एजेंडा-आधारित फिल्मों को अनुमति नहीं दी जानी चाहिए।

कन्हैया लाल के बेटे क्या कहा?

वहीं, इस फैसले के बाद कन्हैया लाल के बेटे यश साहू ने कोर्ट के फैसले पर प्रतिक्रिया देते हुए केंद्र सरकार से फिल्म की रिलीज की अनुमति देने की अपील की। उन्होंने कहा कि यह फिल्म मेरे पिता की पीड़ा के साथ-साथ समाज के दर्द को दर्शाती है। मोदी सरकार से अनुरोध है कि हमें न्याय मिले और आरोपियों को जल्द सजा दी जाए।