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राजस्थान पुलिस के रवैये पर सुप्रीम कोर्ट हैरान, बच्ची को किया गुनाह कबूलने को मजबूर, कार्रवाई के निर्देश

राजस्थान में हत्या के मामले में गवाह एक 14 साल की बच्ची के प्रति पुलिस का रवैया देखकर सुप्रीम कोर्ट हैरान रह गया। एक जमानत प्रकरण की सुनवाई के दौरान कोर्ट ने जब बच्ची के बयान पढ़े तो सामने आया कि पुलिस ने किस तरह से उससे झूठे तौर पर अपनी मां की हत्या का गुनाह कबूल करने के लिए मारपीट की।
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जयपुर

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Kirti Verma

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Updated: 10 Mar 2024, 8:22 AM IST

supreme court

राजस्थान में हत्या के मामले में गवाह एक 14 साल की बच्ची के प्रति पुलिस का रवैया देखकर सुप्रीम कोर्ट हैरान रह गया। एक जमानत प्रकरण की सुनवाई के दौरान कोर्ट ने जब बच्ची के बयान पढ़े तो सामने आया कि पुलिस ने किस तरह से उससे झूठे तौर पर अपनी मां की हत्या का गुनाह कबूल करने के लिए मारपीट की। जस्टिस अभय एस ओका और जस्टिस उज्जल भुइयां की बेंच ने इस मामले में राज्य के पुलिस महानिदेशक (डीजीपी) को जांच के बाद प्रशासनिक और आपराधिक कार्रवाई करने का निर्देश दिया। शीर्ष अदालत ने इस मामले के अभियुक्त की जमानत अर्जी खारिज करने के राजस्थान हाई कोर्ट के आदेश को चुनौती देने वाली अपील पर सुनवाई के बाद यह आदेश दिया। अपील पर सुनवाई के दौरान कोर्ट ने अभियोजन पक्ष की पांच गवाहियों के कागजात देखे तो पुलिस अधिकारियों के खिलाफ बच्ची के आरोपों पर अदालत हैरान रह गई।


बच्ची ने बयान दिया कि वह घटना के दौरान माैजूद थी। पहले अभियुक्त से पैसे लेने से उसने इनकार किया तो उसने पुलिस को कहा कि इस लड़की ने महिला को गोली मार दी है। बच्ची ने कहा कि पुलिसवालों ने मुझे एक पिस्तौल दी और मुझसे पूछा कि गोली चला कर दिखाओ। मैं डर गई। पूछताछ के बाद पुलिस मुझे थाने ले गई। वहां उन्होंने मुझे पीटा और कहा कि बताओ कि तुमने ही अपनी मां को गोली मारी है। कोर्ट ने आश्चर्य जताया कि घटना के समय बच्ची 14 साल की थी और उसके बयानों पर न तो पुलिस ने संज्ञान लेकर कार्रवाई की और न ही उसे पक्षद्रोही घोषित किया। कोर्ट ने कहा कि यह पुलिसकर्मियों की ओर से गंभीर कदाचार का मामला है बल्कि एक अपराध भी किया गया है जिस पर कार्रवाई जरूरी है। हालांकि कोर्ट ने अभियुक्त की अपील स्वीकार कर ट्रायल कोर्ट भेजा और शर्तों के अधीन जमानत के निर्देश दिए।

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26 अप्रैल तक मांगी डीजीपी से रिपोर्ट
कोर्ट ने फैसले में कहा है कि बच्ची को अपराध स्वीकार करने के लिए मजबूर करने वाले पुलिसकर्मियों पर कार्रवाई संबंधी उनके आदेश की पालना का मामला जारी रहेगा। कोर्ट ने 26 अप्रेल को सुनवाई की तिथि तय उस दिन डीजीपी को पालना रिपोर्ट पेश करने को कहा है। आदेश की प्रति डीजीपी को भेजी गई है।

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