
ये विधेयक राष्ट्रपति की मंजूरी के इंतजार में, जिनमें से एक साढ़े पांच साल से अटका
जयपुर. सुप्रीम कोर्ट ने राज्यों के विधेयकों पर राष्ट्रपति के निर्णय के लिए 3 माह की डेडलाइन तय की, जिसके एक माह बाद भी वर्षों पहले दिल्ली भेजे गए राजस्थान के 7 विधेयकों को राष्ट्रपति की हरी झंडी का इंतजार है।
इनमें ऑनर किलिंग के दोषियों और मिलावटखोरों को उम्रकैद की सजा दिलाने की मंशा के साथ विधानसभा से पारित विधेयक शामिल हैं। वहीं कर्जदार छोटे किसानों की भूमि को कुर्की से बचाने के लिए पारित विधेयक भी केन्द्र सरकार के पास अटका हुआ है।
राजस्थान सम्मान और परम्परा के नाम पर वैवाहिक संबंधों की स्वतंत्रता में हस्तक्षेप का प्रतिबंध विधेयक : 2019
विधानसभा से पारित: 5 अगस्त 2019
जरूरत क्यों: युवाओं का पसंद का जीवनसाथी चुनने का अधिकार प्रभावित। कई बार हत्या हो जाती है।
प्रावधान: ऑनर किलिंग के मामले में उम्रकैद तक सजा।
सिविल प्रक्रिया संहिता राजस्थान संशोधन विधेयक-2020
विधानसभा से पारित: 2 नवम्बर 2020
जरूरत क्यों: कर्जदार छोटे किसानों की भूमि बचाई जा सके।
प्रावधान: ऋणी किसान की पांच एकड़ तक की भूमि कुर्क या विक्रय नहीं हो।
दंड विधियां (राजस्थान संशोधन) विधेयक- 2021
विधानसभा से पारित:18 सितम्बर 2021
जरूरत क्यों: हाईकोर्ट ने मिलावट के मामले में चिंता जाहिर कर सख्त सजा की आवश्यकता जताई।
प्रावधान: खाद्य पदार्थों और औषधियों में मिलावट के जानलेवा मामलों में उम्रकैद तक सजा।
राजस्थान कारागार विधेयक-2023
विधानसभा से पारित:18 जुलाई 2023
जरूरत क्यों: अंग्रेजी शासन के 1894 के कानून में सजा पर जोर, अब सुुधार पर जोर। हाईकोर्ट ने जेल सुधार के अपने निर्देशों की पालना के लिए कानून बदलने को कहा।
प्रावधान: बंदियों के मानव अधिकार और जेल में बंद लोगों के व्यावसायिक प्रशिक्षण व पुनर्वास जैसे पहलू शामिल हैं।
राजस्थान संगठित अपराध का नियंत्रण विधेयक-2023
विधानसभा से पारित:18 जुलाई 2023
जरूरत क्यों: प्रदेश में संगठित अपराध बढ़े। गैंगवार, मादक पदार्थ तस्करी, फिरौती और जेल से गिरोह चलने की घटनाएं सामने आ रही हैं।
प्रावधान: विशेष न्यायालय, लोक अभियोजक, गवाह संरक्षण तथा अपराधियों की सम्पत्ति की कुर्की।
राजस्थान अधिवक्ता संरक्षण विधेयक-2023
विधानसभा से पारित: 21 मार्च 2023
जरूरत क्यों: वकीलों के खिलाफ हिंसा और झूठे मामले बढ़ रहे हैं, जिससे कानून व्यवस्था बिगड़ने के साथ ही न्याय व्यवस्था प्रभावित हो रही है।
प्रावधान: अधिवक्ता पर हमला होने पर सात साल की सजा और 50 हजार रुपए जुर्माना।
राजस्थान सहकारी सोसाइटी (संशोधन) विधेयक-2023
विधानसभा से पारित:19 जुलाई 2023
जरूरत क्यों: सहकारी समितियों के रिकॉर्ड संबंधी विवाद आए दिन सामने आ रहे हैं।
प्रावधान: सहकारी समिति का पुराना सीईओ नए पदाधिकारी को रिकॉर्ड नहीं सौंपे तो रजिस्ट्रार तलाशी व जब्ती की कार्रवाई कर सकेगा। साथ ही अपील लंबित होने तक सोसाइटी को समाप्त नहीं किया जा सकेगा।
Published on:
13 May 2025 06:22 pm
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