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बाजार के बीच ‘दाग’ बिगाड़ न दे स्वच्छ सर्वेक्षण की रैंक

Swachh Survekshan 2023: स्वच्छता सर्वेक्षण के बीच चारदीवारी के बाजारों में रात्रिकालीन सफाई तो शुरू हो गई, लेकिन परकोटे के मुख्य बाजारों से कचराडिपो अभी दूर नहीं हो पा रहे है।

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बाजार के बीच 'दाग' बिगाड़ न दे स्वच्छ सर्वेक्षण की रैंक

बाजार के बीच 'दाग' बिगाड़ न दे स्वच्छ सर्वेक्षण की रैंक

जयपुर। स्वच्छता सर्वेक्षण के बीच चारदीवारी के बाजारों में रात्रिकालीन सफाई तो शुरू हो गई, लेकिन परकोटे के मुख्य बाजारों से कचराडिपो अभी दूर नहीं हो पा रहे है। बाजारों में अभी भी सुबह कचरे के ढेर लग रहे है, जो दोपहर तक पड़े रहते है। हालांकि हेरीटेज नगर निगम ने रात्रिकालीन सफाई में कचरा संग्रहण के लिए संसाधनों का बड़ा बेड़ा लगा रखा है, पर धरातल पर सफाई नजर नहीं आ रही है।

हैरिटेज नगर निगम ने परकोटे के 13 प्रमुख बाजारों में रात्रिकालीन सफाई व्यवस्था शुरू की है, इसके लिए करीब 80 कर्मचारी लगाए है, जो रात को सफाई करने में जुटे हुए है। इसके साथ निगम प्रशासन ने 4 रोड स्वीपिगं मशीने, 5 हूपर, एक रिफ्यूज कम्पेक्टर भी सफाई व्यवस्था में लगाए है। वहीं कचरा संग्रहण के लिए एक जेसीबी, 2 डम्पर लगाए गए है, जो प्रतिदिन रात्रिकालीन सफाई के दौरान कचरा एकत्रित करने में लगाये है। इतने संसाधनों लगाने के बाद भी शहर के बाजारों में कचरा डिपो नहीं हट पा रहे है। आज भी शहर के चांदपोल बाजार, किशनपोल बाजार, जौहरी बाजार, चौड़ा रास्ता, घाटगेट बाजार, संजय बाजार सहित अन्य बाजारों में सड़क पर कचरा आ रहा है। बाजारों में मुख्य सड़क पर ही अभी भी कचरा डिपो बने हुए है। कई बाजारों में तो दोपहर तक इन डिपो से कचरा नहीं उठ रहा है। ऐसे में रात्रिकालीन सफाई व्यवस्था पर सवाल खड़े हो रहे है।

एक टीम आई, दूसरी कभी भी आ सकती है
स्वच्छ सर्वेक्षण को लेकर जयपुर की तैयारी को जांचने के लिए कभी भी केन्द्र से दूसरी टीम आ सकती है। यह टीम शहर की सफाई व्यवस्था की जांच करेगी। इस बार सफाई व्यवस्था जांचने के लिए केन्द्र से अलग—अलग टीम आ रही है। प्रथम चरण में सोलिड वेस्ट प्रोसेसिंग प्लांट से कचरा निस्तारण की जांच करने के लिए केन्द्र की टीम जयपुर आ चुकी है और यहां निगम के कचरा निस्तारण प्लांटों का दौरा कर हकीकत की जांच कर चुकी है। हालांकि कचरा निस्तारण में दोनों ही नगर निगमों के नंबर कटना तय है। शहर से रोजाना करीब 1500 मैट्रिेक टन कचरा एकत्र हो रहा है, जिसमें से कचरे का निस्तारण सिर्फ 600 से 650 मैट्रीक टन ही हो पा रहा है।

9500 अंकों का हो रहा स्वच्छ सर्वेक्षण
स्वच्छ सर्वेक्षण 2023 इस बार 9500 अंकों का हो रहा है। इसमें 4525 अंक सर्विस लेवल प्रोग्रेस के है, जिसको जांचने के लिए केन्द्र से कभी भी टीम आ सकती है। वहीं 2475 अंक सिटीजन वाइस के है, इसमें केन्द्र की टीम सिटीजन फीडबैक लेगी। 2500 अंक नगर निगम के सर्टिफिकेशन के आधार पर मिलेंगे।

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