
जयपुर लिटरेचर फेस्टिवल में भी दिखा स्वाइन फ्लू का खौफ
जयपुर. राज्य में इस साल स्वाइन फ्लू का प्रकोप लगातार बढ़ रहा है, गुरुवार तक 59 मौतें हो चुकी हैं लेकिन चिकित्सा विभाग इस बीमारी की जांच में ही बड़ी लापरवाही बरत रहा है। इस बीच शहर में चल रहे जयपुर लिट्रेचर फेस्टिवल में भी स्वाइन फ्लू का खौफ नजर आया। कार्यक्रम में कुछ दर्शक व मेहमान मास्क लगाकर आए। हालांकि ज्यादातर लोग बिना मास्क थे।
इस बीच जयपुर ग्रामीण क्षेत्र के एक विधायक को भी स्वाइन फ्लू की पुष्टि हुई है। प्रदेश में इस साल तेजी से फैल रहे स्वाइन फ्लू और इसके प्रकोप से अत्यधिक मौतों पर राज्य मानवाधिकार आयोग ने चिंता जताते हुए राज्य सरकार से जवाब तलब किया है। आयोग ने 1 जनवरी 2017 से इस बीमारी से प्रदेश में हुई मौतों, उपचार कराने वाले मरीजों की संख्या, समस्या के निवारण के लिए किए जा रहे प्रयासों और जागरूकता मुहिम की अंतरिम रिपोर्ट भी मांगी है। आयोग अध्यक्ष जस्टिस प्रकाश टाटिया की एकलपीठ ने ये निर्देश दिए हैं।
चिंताजनक है बीमारी
आयोग ने कहा कि स्वाइन फ्लू का प्रकोप नया नहीं है मगर एक ही बीमारी से इतने कम समय में इतने लोगों की मौत चिंताजनक और विचार करने योग्य है। आयोग ने मरीजों और मौतों का वर्ष वार ब्यौरा और इस बीमारी से बचाव के प्रचार प्रसार का दो साल का ब्यौरा भी मांगा है। आयोग ने कहा है कि जानकारी के बिंदु अधिक हैं, ऐसे में सरकार 1 जनवरी 2017 से 31 जनवरी 2019 तक की अंतरिम रिपोर्ट उपलब्ध कराए। आयोग ने यह रिपोर्ट चिकित्सा विभाग के अतिरिक्त मुख्य सचिव को 8 फरवरी तक तथ्यात्मक रूप से प्रेषित करने को कहा है।
विभाग का दावा
उधर, चिकित्सा विभाग ने दावा किया है कि 21 जनवरी से चल रहे अभियान के तहत गुरुवार तक 3458470 घरों का डोर-टू-डोर सर्वे कर एक करोड़ 14 लाख 71 हजार 393 लोगों की एवं 1 हजार 536 गर्भवती महिलाओं की स्क्रीनिंग की गई है। स्वास्थ्य दल डोर-टू-डोर स्क्रीनिंग कर जरूरी परामर्श दे रहे हैं।
Published on:
25 Jan 2019 10:35 am
