
जगमोहन शर्मा
जयपुर। डायरेक्ट्रेट जनरल ऑफ जीएसटी इंटेलिजेंस (डीजीजीआइ) की जयपुर यूनिट ने प्रदेश की सात स्क्रैप और टीएमटी बार से जुड़ी फर्मों पर कार्रवाई कर 700 करोड़ रुपए की टैक्स चोरी पकड़ी है। यह प्रदेश की अब तक की सबसे बड़ी कार्रवाई है, जिसमें करीब 4000 करोड़ रुपए के फर्जी बिल बनाकर इतनी बड़ी टैक्स चोरी को अंजाम दिया गया।
कार्रवाई में बगरू स्थित निर्माण इंफ्रा प्राइवेट लिमिटेड के निदेशक घासीलाल चौधरी और सीकर के केसर देव शर्मा सहित सात आरोपियों को गिरफ्तार किया है, इन्हें बुधवार को कोर्ट में पेश किया गया, जिसके बाद जेल भेज दिया गया।
डीजीजीआइ ने इन फर्मो के जयपुर, सीकर, उदयपुर और भीलवाड़ा सहित कुल 15 ठिकानों पर कार्रवाई की। जांच के दौरान वित्तीय रिकॉर्ड खंगाले गए, जिनमें 13 लाख टन लोहे के सामान की फर्जी आपूर्ति के सबूत मिले।
डीजीजीआइ की जांच में पता चला कि ये सात फर्में एकजुट होकर प्रदेश में स्क्रैप की लाखों टन की आवाजाही को फर्जी चालान, बिल्टी व ई-वे बिल बनाकर अंजाम दे रही थी। डीजीजीआइ के अधिकारियों का कहना है कि ये एक अनूठा मामला था, जहां डीलर से लेकर निर्माता तक की पूरी चेन मिलकर रैकेट चला रहे थे।
टीएमटी पर 18 प्रतिशत जीएसटी लगता है, ये आरोपी कई महिनों से करोड़ों रुपए की जीएसटी चोरी कर रहे थे। गौरतलब है कि निर्माण इंफ्रा के निदेशक घासीलाल चौधरी कांग्रेस के टिकट पर मालपुरा से चुनाव लड़ चुके हैं। इनके अलावा यश चंदानी, मनोज विजय, नवीन यादव, गुलाम फरीद, अरुण जिंदल को गिरफ्तार किया है।
जीएसटी की इन्वेस्टीगेशन विंग DGGI ने 2024 में देशभर में 2.01 लाख करोड़ कि टैक्स चोरी पकड़ी है। DGGI ने 2022-23 के मुक़ाबले डबल टैक्स चोरी पकड़ी है। DGGI ने सबसे ज़्यादा बैंकिंग, इंश्योरेंस और ऑनलाइन गेमिंग में टैक्स चोरी के केस पकड़े हैं। DGGI ने आयरन स्क्रैप, स्टील, स्टील ऐलॉय में बड़ी संख्या में केस पकड़े हैं।
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Published on:
20 Feb 2025 10:00 am
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