
Photo- Madan Dilawar X Handle (File Photo)
झालावाड़ स्कूल हादसे के बाद सरकारी स्कूलों के भवनों की सुरक्षा का जिम्मा भले ही समग्र शिक्षा की सिविल शाखा का तो हैं, लेकिन शाखा में सिविल इंजीनियर ही नहीं हैं। स्कूल भवनों की देखरेख की जिम्मेदारी शिक्षक, एलडीसी, प्रयोगशाला सहायक और कृषि अभियंताओं को दे रखी है।
दरसअल, डिग्री-डिप्लोमाधारी शिक्षक, एलडीसी, प्रयोगशाला सहायकों को ही इंजीनियर बनाकर सिविल शाखा में लगा लिया। इतना ही नहीं, जब से सिविल शाखा शुरू की गई हैं, तब से ही कृषि विभाग के अभियंताओं को यहां प्रतिनियुक्ति पर ले रखा है। इसके अलावा विभाग में स्वीकृत कुल पदों पर आधे तो अभियंता ही नहीं है और जो भी अभियंता लगे हैं, वे योग्य इंजीनियर नहीं हैं। ऐसे में विभाग की ही कार्यशैली पर सवाल खड़े हो रहे हैं।
Q- सिविल शाखा में शिक्षक-कृषि अभियंता लगा रखे हैं?
शिक्षा मंत्री: इसकी जानकारी ही नहीं थी, खेती का काम करने वाले इंजीनियर बने बैठे हैं। ये तो खेती का काम ही जान सकते हैं।
Q- स्कूल भवनों की सुरक्षा के लिए आगे क्या करेंगे?
शिक्षा मंत्री: अब हम कैडर बनाएंगे, सिविल इंजीनियर ही डेपुटेशन पर लेंगे।
Q- नियम ही ऐसे बना रखे हैं, इससे कॄषि अभियंता सिविल शाखा में आ रहे हैं?
शिक्षा मंत्री: पिछली सरकार ने सिविल और कृषि अभियंताओं को एक मान लिया। अब हम नियम में संशोधन करेंगे।
Published on:
30 Jul 2025 12:36 pm
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