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Mukhyamantri Jan Awas Yojana: मुख्यमंत्री जन आवास के तहत शहरों से दूर बनाई गई आवासीय योजनाओं में बड़ी संख्या मकान खाली पड़े हैं। कई प्रोजेक्ट उजड़ने की कगार पर पहुंच गए हैं। इस स्थिति को देखते हुए राजस्थान सरकार ने 'राहत पैकेज' जारी करते हुए किस्तों पर लगने वाला ब्याज और पेनल्टी पूरी तरह माफ करने का फैसला किया है।
सरकार ने माना है कि कई जन आवास परियोजनाओं में सड़क, पानी, बिजली जैसी सुविधाएं नहीं है। इस वजह से बड़ी संख्या में मकान खाली पड़े हैं और कुछ प्रोजेक्ट उजड़ने की स्थिति में पहुंच गए है।
अब ऐसी योजनाओं में बाहरी विकास कार्यों की लागत का आकलन कर संबंधित नगरीय निकाय अपने बजट से सड़क, पानी और बिजली जैसी सुविधाएं विकसित कराएंगे, ताकि लोग वहां बस सकें। नगरीय विकास विभाग ने इस संबंध में दिशा-निर्देश जारी किए हैं। यह निर्णय ऐसे समय लिया गया जब जन आवास नीति में बदलाव की प्रक्रिया चल रही है और नई नीति जल्द जारी होने की संभावना है।
सरकार का उद्देश्य केवल मकान बनाना नहीं, बल्कि वहां लोगों को बसाना है। इसलिए जन आवास योजनाओं में सामने आईं व्यावहारिक समस्याओं को ध्यान में रखते हुए राहत दी जा रही है। जहां मूलभूत सुविधाओं की कमी है वहां नगरीय निकाय आवश्यक विकास कार्य कराएंगे, ताकि लोगों को बेहतर आवासीय वातावरण मिल सके।
झाबर सिंह खर्रा, नगरीय विकास मंत्री
ईडब्ल्यूएस और एलआइजी वर्ग के लिए बनने वाले मकान ऐसी जगह हों, जहां 500 मीटर के दायरे में बिजली-पानी, परिवहन, स्कूल और अस्पताल जैसी मूलभूत सुविधाएं उपलब्ध हों।
यदि बिल्डर मूल प्रोजेक्ट में आवास या भूखंड नहीं दे रहा है तो उसे निकाय, विकास प्राधिकरण, नगर विकास न्यास की आवासीय योजना में ही जरूरतमंदों के लिए भूखंड, फ्लैट खरीदकर देने होंगे। दूरदराज इलाकों में आवास निर्माण नहीं करेंगे।
Updated on:
14 Mar 2026 09:35 am
Published on:
14 Mar 2026 09:34 am
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