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जापान में 75 या इससे ज़्यादा उम्र के बुजुर्ग अब केवल स्वचालित वाहन ही चला पाएंगे

जापान में 75 या इससे ज़्यादा उम्र अब केवल स्वचालित वाहन ही चला पाएंगे बुज़ुर्गों से सालाना 460 से ज़्यादा घातक एक्सीडेंट करते हैं जापान में ज़्यादा सुरक्षा फीचर्स वाले वाहनों के लिए ही बुज़ुर्गों को दिया जाने वाला लाइसेंस अपग्रेड किया जाएगा

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जयपुर

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Mohmad Imran

Jul 15, 2019

बुज़ुर्गों से सालाना 460 से ज़्यादा घातक एक्सीडेंट करते हैं जापान में

जापान में 75 या इससे ज़्यादा उम्र अब केवल स्वचालित वाहन ही चला पाएंगे बुज़ुर्गों से सालाना 460 से ज़्यादा घातक एक्सीडेंट करते हैं जापान में ज़्यादा सुरक्षा फीचर्स वाले वाहनों के लिए ही बुज़ुर्गों को दिया जाने वाला लाइसेंस अपग्रेड किया जाएगा

जापान में बुजुर्ग ड्राइवरों के कारण होने वाली दुर्घटनाओं को रोकने के लिए जापान सरकार एक नई लाइसेंस प्रणाली लागू करने जा रहा है। इसके बाद बुजुर्ग ड्राइवरों को केवल ऐसे गाडिय़ों के लिए ही लाइसेंस जारी होंगे जो तथाकथित रूप से 'सुरक्षित-ड्राइविंग' को सपोर्ट करती हैं। इनमें ऑटोमैटिक ब्रेक और गलत पैडल दबाने पर एक्सीलेटर की गति को कम कर देते जैसे फंक्शन हैं। सरकार का उद्देश्य विभिन्न ऑटो कंपनियों के सुरक्षित तकनीकों को एक साथ लाना है।

भारत में सड़क दुर्घटनाओं का ये हाल
-1.50 लाख से अधिक लोग मारे जाते हैं देश में हर साल यातायात दुर्घटनाओं में
-400 से ज्यादा घातक एक्सीडेंट होते हैं यहां प्रतिदिन अमरीका की तुलना में
-40 हजार हो गया था यह आंकड़ा बढ़कर वर्ष 2015 में
-05 लाख सड़क दुर्घटनाएं हुई थीं 2015 में। इनमें 1.5 लाख लोग मारे गए थे और करीब 5 लाख ही घायल हुए थे
-50 फीसदी तक सड़क दुर्घटना में कमी लाने का लक्ष्य है भारत का वर्ष 2022 तक ब्राजील घोषणा के तहत

जापान में बुज़ुर्गों से हो रहे एक्सीडेंट
-460 से ज्यादा घातक सड़क दुर्घटनाएं कीं बीते साल 75 या इससे ज्यादा उम्र के डाइवरों ने राष्ट्रीय पुलिस एजेंसी के अनुसार
-29.6 फीसदी था यह कुल सड़क दुर्घटनाओं का
-136 मामलों में दुर्घटना का सबसे आम कारण 'गलत हैंडलिंग और ड्राइविंग' थी
-75 या इससे ज्यादार उम्र के ड्राइवर 5 गुना ज्यादा दुर्घटनाएं कर रहे हैं
-45 प्रतिशत नए वाहन स्वचालित ब्रेक से लैस थे 2015 में परिवहन और पर्यटन मंत्रालय के अनुसार
-80 प्रतिशत हो गया था यह आंकड़ा बढ़कर साल 2017 में
-150 सुरक्षा तकनीकों से लैस थीं 8 घरेलू वाहन निर्माताओं की कारें मार्च तक
-1.5 करोड़ लोगों के पास स्वचालित वाहनों का लाइसेंस है
-19 हजार रुपए की सब्सिडी भी दे रहेी हैं कुछ नगरपालिकाएं ऐसे सुरक्षित प्रणाली के वाहन खरीदने पर