
जयपुर।
विधानसभा चुनाव की घोषणा के साथ ही शनिवार से प्रदेश में आदर्श आचार संहिता लागू हो गई। इसी वजह से अब सरकारी खर्च पर सरकार की उपलब्धियों का विज्ञापन या प्रचार प्रसार नहीं हो सकेगा। घोषणा, उद्घाटन, लोकार्पण पर भी रोक लग गई है। मंत्री अब रूटीन के काम ही करेंगे। प्रदेश में तबादले,नियुक्तियां नहीं होगी यदि कोई अफसर बदलना है तो अब निर्वाचन विभाग ही बदलेगा। सरकारी गाड़ियों का उपयोग घर से कार्यालय आने और जाने में किया जा सकता है। यहीं वजह है कि मंत्रियों, संसदीय सचिवों के अलावा बोर्ड व आयोगों के 44 अध्यक्षों में से कईयों ने शनिवार को ही वाहन स्टेट गैराज में भिजवा दिए। वहीं आचार-संहिता लगने के साथ ही जिला प्रशासन हरकत में आ गया। आचार-संहिता की पालना सुनिश्चित कराने के लिए जिला कलेक्टर के निर्देश पर आज रविवार को नगर निगम ने पूरे शहर में अभियान चलाकर सभी क्षेत्रों में सरकारी होर्डिंग्स, साईट्स से पोस्टर एवं बैनर हटाने का काम शुरू कर दिया है। निगम ने पूरे शहर में अलग-अलग टीमें लगाकर पोस्टर-बैनर हटाए, ताकि आचार-संहिता की पालना को सुनिश्चत किया जा सके। उधर मोटर गैराज में भी सरकारी वाहनों का आना जारी है। हालांकि जयपुर महापौर अशोक लाहोटी और उप महापौर मनोज भारद्वाज सहित कई लोग ऐसे हैं जिन्होंने अभी तक वाहन जमा नहीं कराए हैं। इन्हें भी निर्देश जारी कर दिए हैं कि वे जल्द से जल्द वाहन जमा करवाकर आचार-संहिता की पालना में सहयोग करें।