यदि पूरे प्रदेश पर नजर डाले तो लगभग 17 लाख दिव्यांग है जिनकी समस्या के समाधान के लिए अलग से विशेष योग्यजन कार्यालय बनाया गया है। इसका मकसद है कि विकलांगता से जूझ रहे दिव्यांगों की समस्या तत्काल सुनी जाए और उन्हें भटके बिना ही न्याय मिल सके लेकिन यहां इनकी सुनवाई नहीं हो रही है ऐसे में ये बेबस दिव्यांग अपनी पीड़ा किसे सुनाएं।