ANI की रिपोर्ट के अनुसार, डेवलपर ने उन पर रजिस्टर्ड मालिक की सहमति के बिना जमीन पर एंट्री और कंट्रोल हासिल करने और पिछले कुछ सालों में कथित तौर पर जयपुर डेवलपमेंट अथॉरिटी (JDA) के अधिकारियों के साथ मिलकर संदिग्ध लेन-देन करने का आरोप लगाया है। शिकायत और साथ में लगाए गए जमीन के रिकॉर्ड के अनुसार, कथित अवैध म्यूटेशन और जमीन के दोबारा बंटवारे में लाभार्थी या आरोपी के तौर पर कुछ स्थानीय लोगों के नाम भी सामने आए हैं। जो सभी जयपुर के सांगानेर इलाके के रहने वाले हैं। बाद के लेन-देन और म्यूटेशन से जुड़े दस्तावेजो में गणेश सैनी, अन्नू देवी, कौशल्या देवी, गुड्डी देवी, मनभर देवी, लाली देवी और सीता देवी का भी जिक्र है, जिनके बारे में कहा गया है कि वे जमीन के शेयर ट्रांसफर और हक छोड़ने के दस्तावेजो को लागू करने से जुड़े परिवार के सदस्य हैं।