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डेवलपर ने स्थानीय किसानों के खिलाफ पुलिस से किया संपर्क, कंपनी की जमीन पर अवैध कब्जे का लगाया आरोप

पिंक सिटी डेवलपर्स ने भांकरोटा में किसानों के खिलाफ 6.29 हेक्टेयर जमीन के अवैध म्यूटेशन और कब्जे की शिकायत दर्ज कराई है। आरोप है कि फर्जी दस्तावेजों और मिलीभगत के जरिए कंपनी की जमीन को अवैध रूप से हड़पा और बांटा गया है।
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नोएडा

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Amit Dave

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Updated: 6 Feb 2026, 5:37 PM IST

developer contacted police against local farmers alleging illegal encroachment on the company land

अवैध जमीन पर कब्जा

एक प्राइवेट रियल एस्टेट डेवलपर ने भांकरोटा में स्थानीय किसानों के एक ग्रुप के खिलाफ पुलिस में शिकायत की है। डेवलपर का आरोप है कि उन्होंने गैर-कानूनी तरीके से कंपनी से जुड़ी ज़मीन के टुकड़े किए और रेवेन्यू प्रोसेस के ज़रिए उसका म्यूटेशन करवाया और प्रॉपर्टी के कुछ हिस्सों पर गैर-कानूनी तरीके से कब्जा कर लिया है। यह शिकायत 4 फरवरी को पिंक सिटी डेवलपर्स प्राइवेट लिमिटेड के एक प्रतिनिधि ने भांकरोटा पुलिस स्टेशन में दर्ज कराई थी, जिसमें कई स्थानीय किसानों और संबंधित लोगों के नाम शामिल हैं। 

रजिस्टर्ड मालिक की सहमति के बिना जमीन पर हुई एंट्री

ANI की रिपोर्ट के अनुसार, डेवलपर ने उन पर रजिस्टर्ड मालिक की सहमति के बिना जमीन पर एंट्री और कंट्रोल हासिल करने और पिछले कुछ सालों में कथित तौर पर जयपुर डेवलपमेंट अथॉरिटी (JDA) के अधिकारियों के साथ मिलकर संदिग्ध लेन-देन करने का आरोप लगाया है। शिकायत और साथ में लगाए गए जमीन के रिकॉर्ड के अनुसार, कथित अवैध म्यूटेशन और जमीन के दोबारा बंटवारे में लाभार्थी या आरोपी के तौर पर कुछ स्थानीय लोगों के नाम भी सामने आए हैं। जो सभी जयपुर के सांगानेर इलाके के रहने वाले हैं। बाद के लेन-देन और म्यूटेशन से जुड़े दस्तावेजो में गणेश सैनी, अन्नू देवी, कौशल्या देवी, गुड्डी देवी, मनभर देवी, लाली देवी और सीता देवी का भी जिक्र है, जिनके बारे में कहा गया है कि वे जमीन के शेयर ट्रांसफर और हक छोड़ने के दस्तावेजो को लागू करने से जुड़े परिवार के सदस्य हैं। 

कई लोगों के नाम आए सामने

यह विवाद लगभग 6.29 हेक्टेयर जमीन से संबंधित है जो गांव जयसिंहपुरा बास भांकरोटा, तहसील सांगानेर में कई खसरा नंबरों में फैली हुई है। डेवलपर का आरोप है कि इन ज़मीन के टुकड़ों को कंपनी से बिना किसी कानूनी ट्रांसफर के स्थानीय किसानों के पक्ष में बांट दिया गया और उनका म्यूटेशन कर दिया गया। शिकायत में कहा गया है कि किसानों और संबंधित लोगों ने कथित तौर पर ज़मीन के कुछ हिस्सों का बंटवारा करवाया और बाद में उनका म्यूटेशन करवाया, और बाद में मालिकाना हक को मज़बूत करने के लिए अंदरूनी ट्रांसफर और हक छोड़ने के दस्तावेज़ों को लागू किया, जबकि डेवलपर का दावा है कि प्रॉपर्टी पर उसका मालिकाना हक और कब्ज़ा बना हुआ है। 

स्थानीय लोगों ने भी किया कब्जा

पिंक सिटी डेवलपर्स प्राइवेट लिमिटेड ने आगे आरोप लगाया है कि स्थानीय लोगों ने गैर-कानूनी तरीके से ज़मीन के कुछ हिस्सों पर कब्ज़ा कर लिया या कंट्रोल हासिल कर लिया, रेवेन्यू रिकॉर्ड में म्यूटेशन एंट्री करवाईं, और विवादित प्रॉपर्टी पर अपने दावों को मज़बूत करने के लिए परिवार के सदस्यों के बीच बाद के ट्रांसफर को आसान बनाया। डेवलपर ने नामजद किसानों और इसमें शामिल अन्य लोगों के खिलाफ कथित अवैध म्यूटेशन, ज़मीन हड़पने और संबंधित अपराधों के लिए आपराधिक जांच और मुकदमा चलाने की मांग की है। शिकायत में ज़मीन को वापस दिलाने और विवादित प्रॉपर्टी से संबंधित किसी भी आगे के लेन-देन पर रोक लगाने के निर्देश देने की भी मांग की गई है।