
जयपुर। मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने कहा कि मंदिर सनातन संस्कृति की आत्मा हैं। प्राचीन समय से ही भारत भव्य और दिव्य मंदिरों की भूमि रहा है और इन मंदिरों के जरिए हमारी आध्यात्मिक कीर्ति दुनियाभर में फैली है। शर्मा रविवार को डूंगरपुर के खेरमाल में जाम्बुखंड भैरवजी मंदिर जीर्णाेद्वार महोत्सव को संबोधित कर रहे थे।
शर्मा ने कहा कि राज्य सरकार वरिष्ठ नागरिक तीर्थ यात्रा योजना के तहत श्रद्धालुओं को अयोध्या, काठमांडू में पशुपतिनाथ और अन्य तीर्थस्थलों की यात्रा करवा रही है। वरिष्ठ नागरिकों के स्वास्थ्य और सहूलियत को ध्यान में रखते हुए इस वर्ष के बजट में इस योजना के अन्तर्गत आगामी वर्ष में 6 हजार वरिष्ठजनों को हवाई मार्ग से और 50 हजार वरिष्ठजनों को एसी ट्रेन से तीर्थ यात्रा करवाई जाएगी। इसकी कवायद तेज कर दी है। इसी तरह बजट में राज्य और राज्य के बाहर के देवस्थान विभाग के मंदिरों के स्वरूप को निखारने के लिए 161 करोड़ रुपए का प्रावधान किया है।
राज्य सरकार ने बजट 2025-26 में जनजातीय आस्था के केंद्र त्रिपुरा सुंदरी, मानगढ़ धाम, बेणेश्वर धाम, सीतामाता अभयारण्य, ऋषभदेव, गौतमेश्वर मंदिर, मातृकुंडिया आदि को शामिल कर जनजातीय पर्यटन सर्किट विकसित करने घोषणा की है।
राज्य सरकार ने मंदिरों में भोग की राशि को बढ़ाकर 3 हजार रुपए और पुजारियों के मानदेय को बढ़ाकर 7 हजार 500 रुपए प्रतिमाह किया है। साथ ही, हमारी सरकार खाटूश्याम जी मंदिर को भव्यता प्रदान करने के लिए 100 करोड़ रुपए के कार्य करवा रही है। इसी तरह लगभग 600 मंदिरों में विभिन्न अवसरों पर विशेष साज-सज्जा और आरती कार्यक्रम आयोजित किए जा रहे हैं। हमारी सरकार गौतमेश्वर मंदिर, अरनोद प्रतापगढ़, करणी माताजी मंदिर एवं नीमच माताजी मंदिर उदयपुर जैसे बहुत से मंदिरों में विकास कार्य करवा रही है। पुष्कर (अजमेर) में ब्रह्मा मंदिर कॉरिडोर और सरोवर परिक्रमा मार्ग एवं रणछोड़राय खेड तीर्थ (पचपदरा) जैसे अनेक तीर्थों का कायाकल्प कर रही है।
Published on:
03 Mar 2025 10:09 am
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