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पुलिसकर्मी में धड़केगा फौजी का दिल, चार लोगों को मिल गई नई जिंदगी

देश की रक्षा करने के बाद एक रिटायर्ड फौजी का दिल अब पुलिसकर्मी में धड़केगा। बुधवार को राजस्थान का 11वां हार्ट ट्रांसप्लांट जयपुर के इटर्नल हॉस्पिटल में हुआ। यह अजब संयोग है कि देश की रक्षा के लिए धड़कने वाला दिल अब दूसरे शरीर में भी देश की रक्षा के लिए ही धड़केगा।

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पुलिसकर्मी में धड़केगा फौजी का दिल, चार लोगों को मिल गई नई जिंदगी

पुलिसकर्मी में धड़केगा फौजी का दिल, चार लोगों को मिल गई नई जिंदगी

जयपुर। देश की रक्षा करने के बाद एक रिटायर्ड फौजी का दिल अब पुलिसकर्मी में धड़केगा। बुधवार को राजस्थान का 11वां हार्ट ट्रांसप्लांट जयपुर के इटर्नल हॉस्पिटल में हुआ। यह अजब संयोग है कि देश की रक्षा के लिए धड़कने वाला दिल अब दूसरे शरीर में भी देश की रक्षा के लिए ही धड़केगा। सीकर निवासी पूर्व सैनिक रिछपाल के ब्रेन डेड होने पर उनका दिल राजस्थान पुलिस में कार्यरत दिनेश मीणा को लगाया गया। सुबह करीब 10 बजे सीकर रोड स्थित मणिपाल हॉस्पिटल में ब्रेन डेड हुए मरीज का हार्ट ग्रीन कॉरिडोर बनाकर इटर्नल हॉस्पिटल में मात्र 20 मिनट में पहुंचा दिया गया, जहां सीनियर कार्डियक सर्जन डॉ. अजीत बाना के नेतृत्व में यह ट्रांसप्लांट किया गया।

बेहद कमजोर रह गई थी हार्ट की पंपिंग क्षमता
डॉ. अजीत बाना ने बताया कि हार्ट प्राप्त करने वाले मरीज दिनेश के हार्ट की पंपिंग क्षमता बहुत कम रह गई थी और वे गंभीर रूप हार्ट फेलियर से पीड़ित थे। सिर्फ ट्रांसप्लांट द्वारा ही उनके बचने की उम्मीद थी। हार्ट ट्रांसप्लांट के लिए उनका रजिस्ट्रेशन किया हुआ था, जिसमें नंबर आने पर ट्रांसप्लांट कर दिया गया। सीनियर कार्डियक सर्जन डॉ. विमलकांत यादव ने ब्रेन डेड मरीज में से हार्ट को रिट्रीव किया।

ये रहे टीम में शामिल
कार्डियक सर्जरी टीम में कार्डियक सर्जन डॉ. राकेश सीतारमन, कार्डियक एनेस्थेटिक एक्सपर्ट डॉ. नवनीत मेहता, डॉ. प्रतीक, डॉ. अभिनव, डॉ. रीना जैन, डॉ. प्रेमलता थे। वहीं कार्डियक सर्जन डॉ.अनुज, डॉ.शोभित, डॉ. प्रमोद का इस ट्रांसप्लांट में विशेष सहयोग रहा। सीनियर कार्डियक एनेस्थेटिस्ट डॉ. नवनीत मेहता ने बताया की सफलतापूर्वक हृदय प्रत्यारोपण के बाद मरीज की हालत स्थिर बनी हुई है।

इटर्नल में सातवां ट्रांसप्लांट
इटर्नल हॉस्पिटल की को-चेयरपर्सन मंजू शर्मा ने बताया कि स्टेट ऑर्गन एंड टिश्यू ट्रांसप्लांट ऑगेर्नाइजेशन के काउंसलर्स द्वारा ब्रेन डेड हुए रिछपाल के परिजनों की काउंसलिंग की गई और उन्हें ट्रांसप्लांट के लिए तैयार किया गया। हॉस्पिटल के सीईओ डॉ. प्राचीश प्रकाश ने बताया कि यहां इटर्नल हॉस्पिटल में 7वां सफल ट्रांसप्लांट किया गया है। गौरतलब है कि पूर्व सैनिक रिछपाल का सड़क दुर्घटना के बाद गंभीर रूप से घायल होने पर उन्हें अस्पताल में भर्ती कराया गया था। उनके ब्रेन डेड होने पर दोनों किडनी, लिवर और हार्ट को अन्य मरीजों में ट्रांसप्लांट किया गया।

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