9 फ़रवरी 2026,

सोमवार

Patrika Logo
Switch to English
home_icon

मेरी खबर

video_icon

शॉर्ट्स

epaper_icon

ई-पेपर

तीन महीने में पूरी तरह से लागू हो जाए नया कानून, हमें पूरे देश में बनना है रोल मॉडल…

We Have To Become Role Model: राज्य सरकार की मंशा है कि इन नवीन आपराधिक विधियों के क्रियान्वयन में राजस्थान देशभर में रोल मॉडल बने।

2 min read
Google source verification
Play video

Photo - Patrika

CM Bhajanlal Sharma: मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने कहा कि देश में लागू तीन नवीन कानूनों में सजा की तुलना में न्याय पर अधिक जोर दिया गया है। भारतीय न्याय संहिता, भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता तथा भारतीय साक्ष्य अधिनियम से न्यायिक व्यवस्था के प्रति आमजन का सकारात्मक विश्वास कायम हो रहा है। राज्य सरकार की मंशा है कि इन नवीन आपराधिक विधियों के क्रियान्वयन में राजस्थान देश भर में रोल मॉडल बने।

शर्मा इन नवीन आपराधिक कानूनों के क्रियान्वयन को लेकर गुरुवार को मुख्यमंत्री निवास पर आयोजित उच्चस्तरीय बैठक की अध्यक्षता कर रहे थे। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार कानून व्यवस्था को सुदृढ़ करने एवं नए कानूनों को लागू करने में सभी संसाधनों की पूर्ति सुनिश्चित कर रही है।

वीसी रूम्स प्राथमिकता के साथ हो स्थापित

मुख्यमंत्री ने कहा कि नवीन आपराधिक कानूनों में वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से गवाह के साक्ष्य लेने के प्रावधान किए गए हैं। इसकी अनुपालना में कोर्ट रूम, कारागार, अस्पताल, एफएसएल एवं सरकारी कार्यालयों में प्राथमिकता के साथ वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग रूम स्थापित किए जाएं। साथ ही, इन वीसी रूम्स में पर्याप्त सुविधाओं का विकास किया जाए, जिससे कि गवाह को सुरक्षा का भाव मिले।

राजकॉप ऐप पर महिलाओं के लिए ‘नीड हैल्प’ सुविधा उपलब्ध

शर्मा ने कहा कि नागरिक केन्द्रित प्रावधानों को लागू करते हुए राज्य सरकार द्वारा प्रदेश में महिलाओं के लिए राजकॉप नागरिक मोबाइल एप्लिकेशन पर तत्काल सहायता प्रदान करने के लिए ‘नीड हैल्प’ सुविधा उपलब्ध करवायी जा रही है। साथ ही, प्रदेश के सभी नागरिकों के लिए राजकॉप ऐप पर एसओएस अलर्ट एवं जांच की प्रगति की भी जानकारी उपलब्ध करवायी जा रही है। उन्होंने अभियोजन के प्रकरणों में होने वाले स्थगन संबंधी मामलों की प्रभावी निगरानी के निर्देश दिए।

फॉरेंसिक लैब का हो आधुनिकीकरण, पर्याप्त मानव संसाधन हो नियोजित

मुख्यमंत्री ने कहा कि नए कानूनों में फॉरेंसिक दक्षता को लेकर भी बेहतर प्रावधान किए गए हैं। प्रदेश में फॉरेंसिक लैब में आधुनिकीकरण सुनिश्चित करने के साथ ही पर्याप्त मानव संसाधन नियोजित किया जाए। साथ ही, पुलिस स्टेशनों में राजनेट कनेक्टिविटी एवं हार्डवेयर संसाधनों की शीघ्र पूर्ति की जाए। उन्होंने प्रदेश में चयनित मॉडल जिलों एवं वृतों में नवीन आपराधिक विधियों के शत प्रतिशत क्रियान्वयन सुनिश्चित कराने के निर्देश दिए।

बैठक में बताया गया कि ई-साक्ष्य एवं ई-सम्मन ऐप पर सभी जांच अधिकारियों का पंजीकरण किया जा चुका है। ई-सम्मन की तामील राजकॉप ऐप और नए सीसीटीएनएस के माध्यम से करवायी जा रही है तथा इलेक्ट्रॉनिक तामील का प्रशिक्षण दिया जा रहा है। बैठक में गृह राज्य मंत्री जवाहर सिंह बेढ़म, मुख्य सचिव सुधांश पंत, पुलिस महानिदेशक राजीव कुमार शर्मा सहित गृह, विधि एवं विधिक न्याय, चिकित्सा एवं स्वास्थ्य, सूचना प्रौद्योगिकी एवं संचार सहित संबंधित विभागों के उच्चाधिकारी उपस्थित रहे।