
छात्र संघ चुनाव: खाजूवाला में एनएसयूआई में फूट, अध्यक्ष पद के लिए दो उम्मीदवार
जयपुर
राजस्थान विश्वविद्यालय के छात्रसंघ चुनाव। गुरुवार को नामांकन का दिन। चुनाव की अधिसूचना जारी होने के बाद नामांकन के दिन ऐसा लगा कि विश्वविद्यालय में छात्रसंघ चुनाव हो रहे है। रैलियां,नारेबाजी और प्रत्याशियों के समर्थक अधिसूचना जारी होने के बाद नामांकन के दिन नजर आए। लेकिन शाम होते होते फिर विश्वविद्यालय में सन्नाटा सा पसर गया। नामांकन के बाद देर शाम तक चुनाव को लेकर मैदान में उतरने वाले प्रत्याशियों की जैसे ही स्थिति साफ हुई तो छात्र संगठन एबीवीपी और एनएसयूआई को अपने ही बागियों से हार का ड़र सताने लगा। संगठन के कार्यालय में पदाधिकारियों की बैठके शुरू हुई और बागियों को मनाने के लिए मान मनुहार का दौर भी चल पड़ा। जो पूरी रात चला। हालांकि इस दौरान संगठन के पदाधिकारियों ने उन्ही बागियों को मनाने की कवायद की जिनसे उनके संगठन को हार का खतरा है। रात भर बागियों को मनाने के लिए संगठन के पदाधिकारी उनके पास जा पहुंचे। जहां पर टिकिट नहीं मिलने से नाराज प्रत्याशियों को संगठन में पद देने का वादा किया गया था तो किसी के आगे संगठन के पदाधिकारियों ने हाथ जोड़कर नामांकन वापसी की अपील की। इस दौरान संगठन से जुड़े रहकर संगठन के साथ कार्य करने और भविष्य में संगठन की ओर से फायदा किए जाने का वादा किया गया तो किसी ने भाई बनकर,आपसी दोस्ती हवाला देकर तो किसी ने भावुक होकर बागियों से मान मनुहार की।
नामांकन वापसी के लिए सिर्फ चार घंटे
संगठनों ने पूरी रात बागियों के आगे मान मनुहार की जिसका दौर आज सुबह तक चलता रहा। क्योकि आज नामांकन वापसी का दिन है और सिर्फ चार घंटे नामांकन वापसी के लिए मिले है। नाम वापसी के लिए सुबह 11 से दोपहर 2 बजे तक ही समय है। ऐसे में चार घंटे ही नामांकन वापसी के लिए बचे है। कुछ माने तो कुछ रातभर नामांकन वापस नहीं लेने के लिए अड़े रहे। रातभर मान-मनौव्वल का दौर चलता रहा। हालांकि एबीवीपी और एनएसयूआइ दोनों ही संगठनों को उम्मीद है कि बागी हुए छात्रनेता आज अपना नामांकन वापस ले लेंगे और अपना समर्थन संगठनों के प्रत्याशियों को ही देंगे। हालांकि अभी तक किसी भी बागी प्रत्याशी ने आधिकारिक तौर पर अपना समर्थन संगठनों के प्रत्याशियों को नहीं दिया है। नामांकन वापसी के बाद आज शाम तक उम्मीदवारों के नामांकन की अंतिम सूची जारी की जाएगी। तभी छात्रसंघ चुनाव की तस्वीर साफ हो पाएगी कौन कौन मैदान में बचा है।
इन्हें मनाना चुनौती
अध्यक्ष पद के लिए एबीवीपी से अमित कुमार बडबडवाल, एनएसयूआई से उत्तम चाैधरी ने पर्चा भरा है। लेकिन एनएसयूआई से बागी हुए टिकिट के प्रमुख दावेदार मुकेश चाैधरी को मनाना संगठन के लिए चुनौती होगी। देर रात तक प्रयास के बाद भी बागी हुए मुकेश के तेवरों में कमी नहीं आई है। इस बार एबीवीपी से ज्यादा एनएसयूआइ से बागी हुए छात्रनेताओं की पूरी फौज है। वहीं महासचिव के लिए एबीवीपी के अरूण शर्मा, एनएसयूआई के महावीर गुर्जर ने पर्चा भरा है। लेकिन एबीवीपी से बागी होकर पर्चा भरने वाले संजय चेची, नितिन कुमार शर्मा को मनाना भी चुनौती होगा तो एनएसयूआई से बागी हुए रूप सिंह गुर्जर को मनाना मुश्किल लग रहा है।
Published on:
23 Aug 2019, 10:18 AM IST
Copyright © 2026 Patrika Group. All Rights Reserved.