
जयपुर। राज्य के महत्वाकांक्षी रिफाइनरी प्रोजेक्ट की भूमि से गुजर रही बिजली, पानी और टेलीफोन की लाइन को जल्द हटाया जाएगा। इसके अलावा क्रूड़ और पानी की पाइप लाइन के सर्वे के लिए जल्द टेण्डर निकाले जाएंगे। यह निर्णय सोमवार को रिफाइनरी कम पेट्रोकेमिकल कॉम्पलेक्स को लेकर गठित राज्य स्तरीय टास्कफोर्स की बैठक में किया गया।
राज्य सरकार अभी रिफाइनरी का शिलान्यास अगले माह प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी से कराए जाने को लेकर तैयारी में जुटी है। इसी को देखते हुए मुख्य सचिव अशोक जैन ने टास्कफोर्स की बैठक बुलाई थी। करीब तीन घंटे चली बैठक में दर्जनभर विभागों के अतिरिक्त मुख्य सचिव व प्रमुख सचिवों के अलावा पेट्रोलियम विभाग की प्रमुख सचिव अर्पणा अरोड़ा व डायरेक्टर बी.एस राठौड़ के साथ चर्चा हुई।
सूत्रों के मुताबिक बैठक में एचपीसीएल के सीएमडी एम.के. सुराना ने रिफाइनरी के लिए आवंटित भूमि से गुजर रही बिजली, पानी और टेलीफोन लाइनों को तत्काल हटाने के लिए कहा। इस पर मुख्य सचिव ने संबंधित विभागों के अधिकारियों को कार्रवाई के लिए कहा। बताया जा रहा है कि 11 और 33 केवी के विद्युत लाइनें, 2 पानी की लाइन और टेलीफोन की कई लाइनों को हटाया जाना है। मौके पर अभी रिफाइनरी की 4567 एकड़ भूमि पर चारदीवारी का काम चल रहा है। चारदीवारी की चारों ओर की लम्बाई करीब 27 किमी है।
बैठक में रिफाइनरी प्रोजेक्ट के लिए पानी व बिजली आपूर्ति किए जाने को लेकर भी चर्चा हुई। अभी रिफाइनरी निर्माण के दौरान पानी की जरूरत रोजाना 1 एमएलडी की होगी, जबकि रिफाइनरी चालू होने के बाद रोजाना 5 एमएलडी पानी की आवश्यकता होगी। यह पानी इंदिरा गांधी नहर के नाचना बांध से लाए जाने के लिए पाइपलाइन डाली जाएगी।
प्रधानमंत्री से समय लेने का प्रयास
उल्लेखनीय है कि पहले रिफाइनरी का शिलान्यास राज्य सरकार ने नवंबर में ही कराने की तैयारी की थी। लेकिन प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी की ओर से अभी टाइम नहीं दिए जाने के चलते तारीख तय नहीं हो पा रही। हाल ही जयपुर यात्रा के दौरान केन्द्रीय पेट्रोलियम मंत्री ने कहा था कि प्रधानमंत्री से शिलान्यास कराए जाने को लेकर समय लेने के प्रयास चल रहे हैं।
Published on:
20 Nov 2017 08:53 pm
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