
Bapu Bazar: बाजारों में सबसे मालामाल फिर भी समस्याओं की भरमार
Bapu Bazar: घाट गेट से तोपखानादेश तक फैले आडे बाजार भी शहर के मुख्य बाजारों में शामिल हैं। घाटगेट से सांगानेरी गेट के बीच संजय बाजार, सांगानेरी गेट से न्यू गेट के बीच बापू बाजार, न्यू गेट से अजमेरी गेट के बीच नेहरू बाजार और अजमेरी गेट से तोपखानादेश के किनारे तक इंदिरा बाजार स्थित हैं। इन चारों बाजारों में सबसे ज्यादा प्रसिद्ध व समृद्ध है बापू बाजार। यह जयपुर शहर का फैशन स्ट्रीट मार्केट भी कहा जाता है। इसका आकर्षण व रौनक मुंबई और दिल्ली के बाजारों से कम नहीं है। यहां सबसे ज्यादा खरीदार राजस्थानी ट्रेडिशनल चीजों के आते हैं। ट्रेडिशनल ड्रेस हों या फुटवियर, चूडिय़ां हों या फिर राजस्थानी पकवान सब इस बाजार में मिल जाएगा। इसके साथ ही बाजार में फैशनेबल कपड़े, चमड़े से बने उत्पाद जूते और खाने-पीने के सामान के साथ बहुत कुछ मिल जाता है। इस बाजार को ऑल-इन-वन मार्केट कहा जाए तो कोई अतिश्योक्ति नहीं होगी।
यंग स्टर्स का फेवरेट
खास महिलाओं को ये बाजार खासा आकर्षित करता है, क्योंकि इस बाजार में महिलाओं की पसंद और सौंदर्य प्रसाधन का लगभग हर सामान सुगमता से मिल जाता है। यंग स्टर्स की पहली पसंद होने से कई छोटे-छोटे व्यवसाय खूब पनप रहे हैं। इनमें पार्लर, मेंहदी लगाना, चाट व आइसक्रीम, ज्यूस व फलाहार। बापू बाजार में लेडीज व जेंट्स टेलर्स, फ्रेमिंग, हैंडलूम, आर्टीफीशियल ज्वैलरी, मीठी सुपारियों की दुकानें ग्राहकों को बाजार की ओर आकर्षित करती है।
इनके लिए है खास
बाजार खासकर लेडीज कुर्ती, हैंडबैग, पर्स, ज्वेलरी, ज्वेलरी बाक्स, साड़ी, सांगानेरी और बगरू प्रिंट के वस्त्र, जैपुरिया लहंगा, पार्टी वियर कपड़े, जींस टॉप और मॉर्डन लुक के महिला परिधान, जयपुरी जूतियां, स्पेशल चूडिय़ां, जींस, जैकेट्स आदि के लिए जाना जाता है। इनके अलावा जेंट्स तथा बच्चो के लिए सभी तरह की ड्रेसेज भी यहां पर मिल जाएंगी। सौंदर्य प्रसाधन प्रतिष्ठानों की भी इस बाजार में कोई कमी नहीं।
ग्राहक बना रहे दूरी
ई-रिक्शा और लोडिंग वाहनों की आवाजाही से बाजार में हरदम जाम की स्थिति बनी रहती है। बारामदों में दुकानदारों और छोटे व्यवसायियों ने अस्थाई अतिक्रमण करने पैदल चलने वालों को पेरशानी होती है। वहीं कचरा डिपो, पार्किंग समस्या और मार्केट में निराश्रित पशुओं के विचरण करने से बाहर से आने वाले ग्राहक दूरी बनाने लग गए है, जिसका असर कारोबार पर पड़ रहा है। महिलाओं को ये बाजार खासा आकर्षित करता है, क्योंकि इस बाजार में महिलाओं की पसंद और प्रसाधन का लगभग हर सामान सुगमता से मिल जाता है। आजादी के बाद बने 65 साल पुराने मार्केट में करीब 190 प्रतिष्ठान है।
इन बाजारों से है लिंक: लिंक रोड बाजार, सरावगी मैंशन, धूला हाउस, जौहरी बाजार, चौड़ा रास्ता, नेहरू बाजार, संजय बाजार।
इनका चाहते है समाधान
बाजार में कचरा डिपो हटाया जाए
पार्किंग व्यवस्था को बेहरत किया जाए
निराश्रित पशुओं को बाजार में आने से रोका जाए
लोडिंग वाहनों की दिन में एंट्री बंद हो
बाजार में आने वाले ई-रिक्शा की संख्या निर्धारित हो
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जाम से मिले निजात
शाम के समय बाजार में वाहनों का अत्यधिक दबाव रहने से जाम की स्थिति बन जाती है। साथ ही बेतरतीब ई-रिक्शा पार्किंग से यातायात बाधित रहता है। इसका स्थाई समाधान होना चाहिए।
हरदासमल तोलनी, अध्यक्ष, बापू बाजार, व्यापार मंडल
Published on:
23 Jun 2022 10:56 am
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