जयपुर. शहर में विकास के नाम पर सड़कों पर परत के ऊपर परत बिछाई जा रही हैं। इससे परकोटा सहित राजधानी की अन्य कॉलोनियों में घर की देहरी से सड़क ऊंची हो गईं। अब थोड़ी सी बारिश में पानी घरों में आ जाता है और सब कुछ पानी-पानी हो जाता है। दरअसल, राजधानी के परकोटा क्षेत्र में बसावट ऐसी की गई थी कि घरों की देहरी पार कर पानी कभी अंदर घुसा ही नहीं। उस समय घरों की ऊंचाई के हिसाब से सड़कों का निर्माण किया गया था और ड्रेनेज की व्यवस्था का भी ध्यान रखा गया था।
परकोटे में ये बना रहे सड़कें
हैरिटेज नगर निगम: अभियंता घनी आबादी और कम समय का हवाला देकर पहले से बनी सड़क पर ही दूसरी सड़क बिछाने का काम कर रहे हैं।
सार्वजनिक निर्माण विभाग : अभियंताओं को यहां की सड़कों के बारे में जानकारी नहीं है। बाबा हरिश्चंद्र मार्ग पर तो सड़क का स्वरूप ही बिगाड़ दिया।
ये जिम्मेदार
जेडीए, हैरिटेज नगर निगम, ग्रेटर नगर निगम, सार्वजनिक निर्माण विभाग
लोगों की पीड़ा : कोई सुनने को तैयार नहीं
बारिश के दिनों में बुरा हाल हो जाता है। पानी घरों के अंदर घुस आता है। इसका कोई समाधान भी नहीं दिखाई दे रहा। कई बार शिकायत की, लेकिन कोई सुनवाई नहीं हुई। दुष्यंत व्यास, पुरानी बस्ती
सड़क को खोदकर बनाते नहीं हैं। इस वजह से मकानों की देहरी नीचे हो गई। परकोटे के मकानों को ऊपर किया जाना संभव नहीं है। सड़क को खोदकर ही नई बनानी चाहिए। मुकेश पारीक, गणगौरी बाजार
शहर भर में मनमानी
परकोटे के एमएसबी का रास्ता, घी वालों का रास्ता, उनियारों का रास्ता से लेकर सौंथली वालों की गली में सड़क ऊंची हो गई है। यही हाल शास्त्रीनगर और मानसरोवर के सेक्टर 116, 117 और 119 में भी है। शहर भर में अभियंताओं की मनमानी हो रही है।
टॉपिक एक्सपर्ट : पुरानी सड़क को खोदकर नई बनाई जाए
सड़क के ऊपर सड़क बनाने से लेवल बिगड़ रहा है। पुराने शहर में तो ज्यादा ध्यान देने की जरूरत है। वहां नया निर्माण करना संभव नहीं है। मकानों की ङ्क्षप्लथ फिक्स होती है। बेहतर होगा कि सड़क बनाने से पहले पुरानी सड़क को खोदा जाए और डामर की जगह सीमेंट की सड़क बनाई जाए। सीमेंट की सड़क लम्बे समय तक चलती है।
-जीपी शर्मा, सेवानिवृत्त, मुख्य अभियंता, पीडब्ल्यूडी