
rarer surgery
जयपुर .
एक 55 वर्षीय व्यक्ति के गले में खाने की नली में नकली दांतों का एक डेन्चर फंस गया था। अगर उसे समय पर नहीं निकाला जाता तो मरीज की जान भी जा सकती थी। डॉक्टरों ने पहले मरीज की एण्डोस्कॉपी की लेकिन उसमें सफलता नहीं मिलने पर गले में चीरा लगाकर उसे निकाला।
डॉ. कपिलेश्वर विजय और उनकी टीम ने एक निजी अस्पताल में यह ऑपरेशन किया। डॉ. विजय ने बताया कि मरीज जब उनके पास आया तो उसकी स्थिति बहुत खराब थी। मरीज से बोला भी नहीं जा रहा था। मरीज के परिजनों ने जानकारी दी कि खाना खाते समय वह अपना नकली दांत निंगल गया। यह दांत गले में खाने की नली में फंस गया। जब जांच की तो पता चला कि खाने की नली में यह दांत काफी बुरी तरह से फंसा हुआ है और उसे एण्डोस्कॉपी के जरिए निकाला जा सकता है।
उन्होने बताया कि एण्डोस्कॉपी के जरिए दांत को गले में खाने की नली से निकालने का दो बार प्रयास किया गया, लेकिन नकली दांत जिस तरह से अटका हुआ था उस हिसाब से उसे निकाला पाना बहुत मुश्किल था। एण्डोस्कॉपी से बार-बार प्रयास किया जाता तो खाने की नली के फटने का अंदेशा था तथा ब्लिडिंग भी हो सकती थी। यह सोचकर मरीज के ऑपरेशन करने की योजना बनाई गई। मरीज की बढ़ती परेशानी देखकर उसका ऑपरेशन किया गया। गले में छोटा चीरा लगाकर खाने की नली में फंसे नकली दांत को बड़ी मुश्किल से बाहर निकाला और मरीज की जान बचाई। ऑपरेशन नहीं करते तो मरीज की जान जा सकती थी।
डॉ. कपिलेश्वर विजय ने बताया कि आमतौर पर इस तरह का ऑपरेशन इसलिए जटिल माना जाता है क्यों कि इसे बहुत बारिकी के साथ किया जाता है। गले जैसी जगह में चीरा लगाकर ऑपीरेशन करना अपने-आप में बड़ी चुनौति होता है। इसके बाजवूज डॉक्टरों की टीम ने बहुत सूझबूझ के साथ यह ऑपरेशन किया।
Published on:
01 May 2018 08:46 pm

बड़ी खबरें
View Allजयपुर
राजस्थान न्यूज़
ट्रेंडिंग
