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राज्य में सामान्य से 52 फीसदी अधिक बारिश दर्ज

बीकानेर, गंगानगर और जैसलमेर में सामान्य से लगभग बरसा दो गुना ज्यादा पानी

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जयपुर

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MOHIT SHARMA

Jul 17, 2022

Five and a half inches of rain in the dug in a quarter of an hour, onl

पौन घंटे में डग में साढ़े पांच इंच बारिश,कस्बे में पानी ही पानी

जयपुर. प्रदेश में पूरी तरह से मानसून के मेघ मेहरबान हैं। बीते कई दिनों से लगातार बारिश का सिलसिला बना हुआ है। पूर्वी राजस्थान में इसके चलते कई जनजीवन अस्त व्यस्त है। वहीं पश्चिमी राजस्थान के श्रीगंगानगर जिले में हुई बारिश के बाद यहां सेना अलर्ट मोड पर है। जानकारी के मुताबिक अब तक राज्य में सामान्य से 52 फीसदी ज्यादा बारिश हो चुकी है। इसमें बीकानेर, गंगानगर और जैसलमेर ऐसे जिले हैं, जहां सामान्य से लगभग दो गुना ज्यादा पानी बरसा है। वहीं मध्यप्रदेश में भारी बारिश का असर राजस्थान के हाड़ौती क्षेत्र में देखा जा रहा है। यहां तेज बारिश के बाद प्रदेश की चंबल, पार्वती नदियों का जलस्तर बढ़ा हुआ है।

यहां बारिश होने के आसार
मौसम केंद्र जयपुर के मुताबिक पूर्वी राजस्थान के ज्यादातर जिलों में आज बारिश होगी। जयपुर दौसा, टोंक, अलवर, भरतपुर, धौलपुर और करौली में हल्की से मध्यम वर्षा की संभावना है। वहीं उत्तर पूर्वी क्षेत्र झुंझुनू में भी अच्छी बारिश की संभावना है। पश्चिमी राजस्थान के हनुमानग? और श्रींगंगानगर जिलों में भी बारिश के आसार हैं।

यहां हुई सबसे ज्यादा बारिश
बीते 24 घंटे में आज सुबह तक सबसे ज्यादा बारिश अजमेर के श्रीनगर में 68, चूरू के सुजानगढ में 58, गंगानगर के सूरतगढ़ में 45, जयपुर के मौजमाबाद में 40, टोंक में 51, पीपलू में 21, उदयपुर के गोगुंदा में 40 एमएम बारिश दर्ज की गई।

गत वर्ष से बेहतर स्थिति
यदि गत वर्ष की तुलना में देखा जाए तो 16 जुलाई तक जयपुर के बांधों में 12.8 फीसदी ही पानी आया था जो इस बार 19.6 फीसदी है। जोधपुर के बांध गत वर्ष 5.1 फीसदी भरे थे जो इस बार 5.8 फीसदी भरे हैं। कोटा संभाग के 82 बांध गत वर्ष 16 जुलाई तक 56.7 फीसदी भरे थे जो इस बार 78.6 फीसदी भरे हुए हैं और उदयपुर संभाग के 245 बांध गत वर्ष 32.6 फीसदी भरे थे जो इस बार 37.1 फीसदी भरे हुए हैं। यानी गत वर्ष 16 जुलाई को प्रदेश के 716 बांध 34.00 फीसदी भरे थे जो इस बार 44.44 फीसदी भरे चुके हैं।

बीसलपुर, जवाई और मोरेल बांध की हालत खराब
प्रदेश के प्रमुख बांधों की बात करें तो बीसलपुर की भराव क्षमता 1095.84 एम क्यूएम है लेकिन इसमें अभी 240.11 एमक्यूएम पानी ही है यानी क्षमता की तुलना में मात्र 21.91 फीसदी पानी ही भरा है, जो गत वर्ष की तुलना में भी कम है। गत वर्ष 16 जुलाई को बीसलपुर में 266.44 एमक्यूएम पानी था।
कुछ ऐसा ही हाल दौसा के मोरेल बांध की है। बांध में 15.42फीसदी पानी है। इस बांध की भराव क्षमता 76.65 एमक्यूएम है।वर्तमान में इसमें केवल 11.82 एमक्यूएम पानी है। बरसों से सूखा पड़ा रामगढ़ बांध आज भी सूखा ही है।
पाली के जवाई बांध की क्षमता 207.51 एम क्यूएम है। इसमें 26.25 एम क्यूएम पानी ही आया है यानी 12.65फीसदी बांध भरा हुआ है। गत वर्ष 16 जुलाई को बांध में 31.67 एम क्यूएम पानी था।