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तीज त्योहार पर झलक उठी लोक संस्कृति, शाही ठाट-बाट से निकली सवारी

तीज त्योहार पर झलक उठी लोक संस्कृति, शाही ठाट-बाट से निकली सवारी

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जयपुर

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anandi lal

Aug 03, 2019

jaipur

तीज त्योहार पर झलक उठी लोक संस्कृति, शाही ठाट-बाट से निकली सवारी

जयपुर। छोटीकाशी में शनिवार को तीज का त्योहार धूमधाम ( teej festival celebrated ) से मनाया गया। महिलाओं ने तीज माता ( Teej festival 2019 ) का पूजन कर अखंड सौभाग्य की कामना की। शहर की पारंपरिक तीज माता की सवारी शनिवार शाम को जयकारों के बीच निकली। इस दौरान माता की सवारी जनानाड्योढ़ी त्रिपोलिया गेट से होते हुए छोटीचौपड़, गणगौरी बाजार होकर पौंड्रिक उद्यान पहुंची। यहां पर तीज माता को घेवर का भोग लगाया गया। इस दौरान माता के दर्शनों को लिए सैंकड़ों की संख्या में श्रद्धालु उमड़ पड़े।


परकोटे से निकली तीज माता ( Teej festival in rajasthan ) की सवारी को देकने के लिए हर कोई बेताब नजर आया। शहर में शाही ठाठ-बाट के साथ राजस्थानी संस्कृति की झलक देखने को मिली। पारंपरिक वेशभुषा और गाजे बाजे के साथ निकले जुलूस को देखने के लिए बड़ी संख्या में लोग पहुंचे। तीज उत्सव एवं सांस्कृतिक परम्पराओं को संरक्षित रखने के उद्देश्य से भव्य सवारी का आयोजन किया गया। बारिश ने भी तीज के त्योहार पर अपनी खुशी साझा की है। बारिश से खुशनुमा हुए मौसम के दौरान लोग तीज सवारी का आनंद लेते नजर आए।। महिलाओं ने तीज माता का व्रत रखा।


हरियाली तीज ( Hariyali Teej 2019 ) का त्योहार सुहागीन महिलाएं लहरिया पहनकर अखंड सौभाग्य के लिए तीज माता ( Teej festival 2019 in hindi ) का पूजन कर मनाती हैं और पकवानों का भोग लगाती है। इस दिन झूला झूलने का विशेष महत्व होने से महिलाएं और युवतियां हरे-भरे उद्यानों में झूला झूलती है। इस दिन उद्यानों में दिनभर तीज के रंग देखने को मिलते हैं। रियासत काल से परंपरागत तरीके से निकाले जाने वाली दो दिवसीय तीज माता की सवारी शाम को सिटी पैलेस से निकाली गई। तीज माता के जुलूस में सांस्कृतिक छटा बिखेरते लोक कलाकारों ने राजस्थानी संस्कृति का परिचय दिया। रविवार को बूढ़ी तीज ( Teej festival 2019 in rajasthan ) के रूप में शाही सवारी निकलेगी। तीज सवारी ( Teej festival 2019 images ) के दौरान देसी और विदेशी पर्यटक पारम्परिक नृत्यों, कच्ची घोड़ी, कालबेलिया, बहरूपिया, अलगोजा, गैर और चकरी नृत्यों ने लोगों का ध्यान अपनी और खिंचा। जुलूस के दौरान बैंड बाजे, सुसज्जित रथ, घोडे और ऊंट भी सम्मिलित हुए।