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सराफ-अर्चना में खूब चली विकास का श्रेय लेने की लड़ाई, भाजपाई गढ़ में इस बार बड़ा घमासान

सीधे मैदान से : मालवीय नगर पिछली बार नजदीकी मुकाबले में हारी थी कांग्रेसकांग्रेस सैंध लगाने की तो भाजपा लगातार चौथी जीत की जुगत में

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जयपुर

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Vikas Jain

Nov 16, 2023

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भाजपाई गढ़ के रूप में जानी जाती रही मालवीय नगर विधानसभा सीट पर पिछली बार कांग्रेस ने हार का अंतर मात्र 1704 मतों तक लाकर नए समीकरणों के संकेत दिए थे। लेकिन नजदीकी हार के बावजूद भाजपा ने यह साबित कर दिया कि यहां उसे हराना आसान नहीं है। इस बार कांग्रेस और भाजपा ने गत चुनाव के समीकरणों को ही टिकट वितरण का आधार माना और पुराने प्रत्याशी रीपिट किए हैं। कांग्रेस मानकर चल रही है कि पिछली बार नजदीकी मुकाबले में हारी अर्चना शर्मा ही यहां भाजपा प्रत्याशी सराफ को चुनौती दे सकती है। जबकि भाजपा के स्वाभाविक मजबूत दावेदार कालीचरण ही रहे।

दोनों पुराने प्रतिद्वंदी इस बार भी आमने सामने हैं। खास बात यह है कि दोनों की यह प्रतिद्वंद्विता चुनाव ही नहीं बल्कि पूरे पांच वर्ष विकास कार्य के श्रेय को लेकर भी रहती आई है। ऐसे में यहां चुनावी मैदान इस बार भी घमासान के संकेत दे रहा है। दोनों ही दलों में इस बार टिकट के लिए दावेदारों की कतार रही। प्रचार अभियान शुरू होने के बाद भाजपा और कांग्रेस के दावेदार सार्वजनिक तौर पर शांत हैं, लेकिन उनके सभी समर्थक अभी भी पूरी तरह पार्टी के प्रत्याशियों संग नहीं जुड़ पाए हैं। पिछली बार इस क्षेत्र में 23 प्रत्याशी चुनाव मैदान में थे। इस बार 10 प्रत्याशी और 216873 मतदाता हैं।

सीट पर रहता आया है भाजपा का दबदबा

वर्ष 2008 के परिसीमन से अस्तित्व में आई इस सीट पर कालीचरण सराफ लगातार तीन चुनाव जीत चुके हैं। पहले चुनाव में यहां से उनके सामने राजीव अरोड़ा प्रत्याशी थे। 2013 से यहां अर्चना शर्मा लगातार तीसरी बार उनके सामने प्रत्याशी हैं। सराफ सात बार विधायक रह चुके हैं। परिसीमन से पहले वे तत्कालीन जौहरी बाजार विधानसभा क्षेत्र से भी चुने जाते रहे हैं।

पिछली बार इतने मिले मत

गत चुनाव में सराफ ने 70221 मतों के साथ अपना वोट शेयर 48.17 प्रतिशत रखा। जबकि अर्चना का वोट शेयर 68517 मों के साथ 47 प्रतिशत रहा। तीसरे नंबर पर 2371 मतों के साथ नोटा रहा।

बड़े मुद्दे

- करतार पुरा नाला लंबे समय से पक्का करने की बात की जा रही है, लेकिन अब तक काम शुरू नही हुआ
- बड़े क्षेत्र में सीवर लाइन जर्जर है, इसकी वजह से सुबह कई जगह गंदा पानी ओवरफ्लो होता है
- बाजार कॉलोनियो में भी बढ़ रहा है, इससे यहां रहने वाले लोगों की शांति भंग होने लगी है और लोग परेशान हो रहे हैं
- महेश नगर, टोंक फाटक पर जाम के कारण अव्यिस्थत यातायात

प्रत्याशियों के तीन-तीन वादे

कांग्रेस

जनता की अनुशंसा पर नियोजित विकास करवाएंगे
करतारपुरा नाले को पक्का करवाएंगे

भाजपा

क्षेत्र में विकास कार्य और लोगों की समस्याओं का निस्तारण जारी रहेगा
जहां यातायात का दबाव अधिक है, वहां के लिए नए प्लान बनाएंगे
करतारपुरा नाले को पक्का करवाया जाएगा

यह कहा लोगों ने

टोंक फाटक क्षेत्र के आस-पास पांच अंडरपास बन गए, लेकिन इसके बावजूद महेश नगर और टोंक फाटक पर फाटक बंद होने के बाद जाम की हालत नियंत्रण में नहीं है। यहां फाटक खुलने के बाद रास्ता पार करना काफी चुनौती भरा रहता है। नई सरकार से यही उम्मीद है कि लोगों की राह सुगम करे।
राजेश जैन, जेपी फाटक

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क्षेत्र में अनियोजित विकास सबसे बड़ी समस्या है। कॉलोनियों तक बाजार बनते जा रहे हैं। यह आमजन के लिए सबसे बड़ा मुद्दा है। लेकिन कोई इसके खात्मे पर बात नहीं करना चाहते। यह समस्या दूर की जाएगी, यह बात सिर्फ चुनावों के समय की जाती है।
देवीसिंह, मिलाप नगर