भविष्य की बसावट : 500 अरब डॉलर की लागत वाली मेगा सिटी का 20 फीसदी काम पूरा। 100 फीसदी ऊर्जा सूरज और हवा से, हाइड्रोजन आधारित बिजली उत्पादन।
दुबई. उत्तर-पश्चिमी सऊदी अरब के तबुक प्रांत में बन रहा सुपर स्मार्ट शहर 'निओम' पूरी तरह स्वच्छ ऊर्जा से संचालित होगा। करीब 500 अरब डॉलर की लागत वाले इस शहर में न सड़कें होंगी, न ही कारें चलेंगी। यह शून्य कार्बन उत्सर्जन वाला शहर होगा। शहर का 20 फीसदी काम पूरा हो चुका है।
निओम के सीईओ नादमी अल-नस्र का कहना है कि यहां सारी ऊर्जा सूरज और हवा से आएगी। हाइड्रोजन आधारित बिजली उत्पादन भी होगा। लाल सागर तट पर इस ग्राउंड-ब्रेकिंग मेगासिटी प्रोजेक्ट की घोषणा अक्टूबर 2017 में सऊदी क्राउन प्रिंस मोहम्मद बिन सलमान ने रियाद में फ्यूचर इन्वेस्टमेंट इनिशिएटिव सम्मेलन में की थी। यह सऊदी अरब के 2030 विजन के बुनियादी घटकों में से एक है, जिसका उद्देश्य सऊदी अर्थव्यवस्था को बदलना है। वर्टिकल फार्मिंग और ग्रीनहाउस का उपयोग कर सऊदी अरब निओम को दुनिया का सबसे बड़ा खाद्य आत्मनिर्भर शहर बनाना चाहता है। फिलहाल सऊदी अरब अपने खाद्यान्न का करीब 80 फीसदी आयात करता है।
निओम के कर-श्रम कानून भी अलग होंगे
यह शहर मौजूदा सरकारी ढांचे से हटकर स्वतंत्र रूप से काम करेगा। इसके अपने कर और श्रम कानून के अलावा स्वायत्त न्यायिक प्रणाली होगी। शहर में रिहाइशी इलाकों के साथ बंदरगाह, उद्यम क्षेत्र, अनुसंधान केंद्र, पर्यटन, खेल केंद्र और कई मनोरंजन स्थल होंगे। यहां विलवणीकरण (डिसेलिनेशन) से उत्पन्न नमकीन को वापस समुद्र में नहीं फेंका जाएगा। इसका उपयोग औद्योगिक कच्चे माल के रूप में किया जाएगा।
चुनौतियों के समाधान की कोशिश
अल-नस्र का कहना है कि निओम के जरिए हम प्रतिभाशाली दिमागों के समुदाय को एक साथ लाकर मानवता के सामने आने वाली सबसे दबाव वाली कुछ चुनौतियों का समाधान करने की कोशिश कर रहे हैं। निओम नाम ग्रीक शब्द निओ (नया) और अरबी के शब्द मुस्तकबिल (भविष्य) के पहले अक्षर को जोड़कर बनाया गया है।