
Jaipur News : केंद्र सरकार के आदेश के बाद अब 23 विदेशी प्रजाति के कुत्तों की शहरी सरकारें निगरानी करेंगी। इसके बाद रिपोर्ट बनाकर राज्य सरकार को भेजी जाएगी। केंद्र सरकार के आदेश को ध्यान में रखते हुए बुधवार को स्वायत्त शासन विभाग ने एक आदेश भी जारी किया है।
राजधानी जयपुर के दोनों नगर निगम सीमा क्षेत्र में पांच हजार पिटबुल, रॉटविलर, टेरियर सहित अन्य खतरनाक नस्ल के कुत्ते लोग अपने घरों में पाल रहे हैं। राज्य सरकार से कोई गाइडलाइन न होने की वजह से शहरी निकाय इनका पंजीयन नहीं करवाते। ज्यादातर का बधियाकरण भी नहीं हुआ है।
जिन खतरनाक नस्ल के कुत्तों पर केंद्र सरकार ने रोक लगाई है, इनका राजधानी जयपुर में हर माह लाखों का कारोबार है। कई पेट शॉप हैं, जिन पर खतरनाक नस्ल के कुत्ते मिलते हैं। इनकी कीमत 20 हजार रुपए से लेकर एक लाख रुपए तक होती है।
● निगम खतरनाक नस्ल के कुत्तों का डेटा जुटाएगा। इसके लिए पहले श्वान मालिकों से आगे आकर जानकारी देने की अपील की जाएगी। इसके बाद डोर टू डोर सर्वे होगा। इसमें कुत्ते की उम्र से लेकर अन्य जानकारी ली जाएगी।
● जिनके कुत्ते हैं, वे बधियाकरण करवाएंगे। निगम के कर्मचारी इनकी नियमित निगरानी करेंगे।
स्वायत्त शासन विभाग के निदेशक सुरेश ओला का कहना है कि केंद्र की गाइडलाइन के बाद शॉर्ट दिशा-निर्देश जारी किए गए हैं। निकायों को निर्देश दिए हैं कि आक्रामक, प्रतिबंध नस्ल के कुत्तों की निगरानी करें। पालतू श्वानों को चिह्नित कर बधियाकरण करवाया जाए।
Published on:
21 Mar 2024 03:11 pm
