
The refuge of yoga-spirituality even in villages
जयपुर। आज की व्यस्त दिनचर्या में बेहद जरूरी है चिंतन। दिनभर में कुछ समय चिंतन के लिए निकाल लिया तो कई काम आसान हो जाते हैं। चिकित्सकों के अनुसार भी चिंतन एक विज्ञान है, जिससे खुद और अपनी क्षमताओं को समझकर कार्य करना आसान हो जाता है। यह सेहत पर भी सकारात्मक असर डालता है। काम का तनाव कम होता है। भावावेश में कोई गलत निर्णय भी नहीं ले पाता।
राजस्थान पत्रिका ने चिंतन और मनन पर लोगों से बातचीत की तो सामने आया कि चिंतन करने के लिए समय निकालते हैं। इससे उन्हें समस्याओं के समय अपनी गलतियां समझने का भी मौका मिलता है।
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घर आने के बाद कुछ समय निकाल कर अगले दिन क्या करना है... इस पर चिंतन करती हूं। इससे जो काम करना है उसमें कठिनाई नहीं आती। यदि किसी काम को करने से पहले उसके परिणाम व अन्य पहलू पर विचार कर लिया जाए तो कामकाज में काफी सुधार हो सकता है।
एकता राज, महिला पुलिसकर्मी
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हर वर्ग के लिए चिंतन जरूरी है। यह एक ऐसा विज्ञान है, जो कठिन काम को भी आसान बना सकता है। दरअसल, हमारी सफलता और असफलता हमारे मन के भीतर ही होती है, बाहर नहीं है। चिंतन कर आत्मविश्वास के साथ कोई कार्य शुरू किया है तो उसकी सफलता की संभावना भी बढ़ जाती है। इससे आत्मसंतुष्टि मिलती है। विशेष तौर पर व्यस्त दिनचर्या व लगातार काम करते रहने वालों के लिए तो यह बेहद जरूरी है।
डॉ. अशोक गुप्ता, शिशु रोग विशेषज्ञ
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चिंतन एक तरह से मनोविज्ञान है। यह अपने मन को समझने में मदद करता है। यह आपको अनुशासित रहने, समय पर कार्य पूरे करने, तनाव को दूर रखने, अवसाद में आने से भी बचाता है। हम हमारी समस्याओं को काफी हद तक चिंतन और मनन से दूर कर सकते हैं।
डॉ. अखिलेश जैन, मनोरोग विशेषज्ञ
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मैं सुबह के समय नियमित कुछ समय के लिए चिंतन करता हूं। व्यस्त दिनचर्या के बावजूद चिंतन बेहद जरूरी है। इससे भविष्य की योजनाएं बनाने में मदद मिलती है और अभी तक किए गए कार्य पर मंथन हो जाता है। चिंतन से अपनी वर्क फोर्स का बेहतर उपयोग किया जा सकता है।
डॉ. मनोज मुरारका, व्यवसायी
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मैं चिंतन के लिए पूरे दिन में से कुछ समय निकलती हूं। इससे निर्णय लेने में काफी मदद मिलती है। कामकाज में सुधार आता है। सोचने से कई बेहतर उपाय निकलकर आते हैं। तसल्ली से सोचने पर मन को शांति मिलती हैं।
यशिका चंदेल, छात्रा
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मैं चिंतन के लिए पूरे दिन में से कुछ समय हमेशा निकालता हूं। व्यस्त दिनचर्या के बावजूद चिंतन हमेशा करना चाहिए। इससे कामकाज में सुधार होता है। सेहत पर भी सकारात्मक असर पड़ता है।
हर्षल अरोड़ा, छात्र
Published on:
22 Feb 2023 01:30 pm
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