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ये राफइल खतरनाक है,300 मीटर तक खोपडी खोल देती है
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ये राफइल खतरनाक है,300 मीटर तक खोपडी खोल देती है

मेक इन इंडिया के तहत 6.5 लाख राइफलें खरीदेगी सेनासेना खरीदेगी 7.62x31 स्क्वेयर मिमी कैलिबर असॉल्ट राइफल्स300 मीटर की रेंज तक मार कर सकेगी राइफलरक्षा मंत्रालय ने दी मंजूरीरिक्वेस्ट फॉर इन्फर्मेशन जारी फास्ट ट्रैक प्रकिया के तहत होगी खरीद थल सेना, वायु सेना और नौ सेना को 8.16 लाख कैलिबर असॉल्ट राइफल्स की जरूरत

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सेना ‘मेक इन इंडिया’ के तहत 6.5 लाख नई असॉल्ट राइफल्स की खरीद करने की तैयारी में है। आने वाले कुछ सालों में सेना 12,000 करोड़ के इस प्रॉजेक्ट पर काम करेगी। सेना ने शुक्रवार को 7.62×31 स्क्वेयर मिमी कैलिबर असॉल्ट राइफल्स की खरीद के लिए रिक्वेस्ट फॉर इन्फर्मेशन जारी किया। यह राइफल 300 मीटर की रेंज तक मार कर सकेगी। ऑर्डिनेंस फैक्टरी बोर्ड के साथ-साथ प्राइवेट कंपनियों की ओर से इन्हें तैयार किया जाएगा। रिक्वेस्ट फॉर इन्फर्मेशन के तहत 24 सितंबर तक इन्हें आवेदन करना है। इससे पहले साल की शुरुआत में रक्षा मंत्रालय ने 1,798 करोड़ रुपये की लागत से 72,400 असॉल्ट राइफल्स को विदेश से खरीदे जाने के प्रस्ताव को मंजूरी दी थी। सीमा चौकियों पर तैनात सैनिकों के लिए इन्हें फास्ट ट्रैक प्रक्रिया के तहत खरीदा जाएगा। इन राइफल्स की खरीद के बाद चीन और पाकिस्तान की सीमा पर तैनात सैनिकों को लंबी दूरी तक मार करने वाली राइफलें मिल सकेंगी। इसके अलावा अन्य सैनिकों को भी इसी क्वॉलिटी की कम रेंज वाली राइफल्स मिलेंगी। हालांकि इस पर सवाल भी उठाए जा रहे हैं। आर्मी चीफ जनरल बिपिन रावत ने पिछले दिनों कहा था कि 12 लाख की सेना को ये महंगी राइफलें नहीं दी जा सकती हैं क्योंकि बजट का अभाव है। बता दें कि इन हाइटेक राइफल्स को इन्फैंट्री बटालियनों में तैनात सैनिकों को ही दिया जाएगा। इसके अलावा बड़ी संख्या में ऐसी राइफलें मेक इन इंडिया प्रॉजेक्ट के तहत ही तैयार की जाएंगी। सेना, नेवी और भारतीय वायुसेना को कुल 8.16 लाख कैलिबर असॉल्ट राइफल्स की जरूरत है।

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