शहर के अस्पतालों में ऑक्सीजन प्लांट की सुरक्षा राम भरोसे, प्लांट बने सेल्फी पोइंट
जयपुर शहर के अस्पतालों में बने ऑक्सीजन प्लांट्स की सुरक्षा राम भरोसे हैं। हालांकि अस्पताल प्रशासन ने कहने को तो ऑक्सीजन प्लांट्स की सुरक्षा करने को लेकर सारे इंतजाम कर रखे हैं। लेकिन यह इंतजामात लचर व्यवस्था का शिकार हो रहे है।
प्रदेश के सबसे बड़े SMS अस्पताल और बच्चों के JK loan अस्पताल की सुरक्षा का जिम्मा संभाल रहे अधिकारी और कर्मचारियों की लापरवाही आमजन और वहां के मरीजों पर भारी पड़ सकती हैं।
एक छोटी सी चूक हुई तो यह बड़ा विस्फोट कर सकती है और सैंकड़ों लोगों की जान तक जा सकती हैं। एसएमएस अस्पताल ऑक्सीजन प्लांट सेल्फी पोइंट बना हुआ है।
नियमों के अनुसार तो प्लांट के चारों और जाली लगाकर किसी के भी प्लांट के प्रवेश करने पर रोक हैं। लेकिन आपकी गार्ड से मिलीभगत है तो आप प्लांट के पास जाकर आराम से सेल्फी ले सकते हैं।
जबकि नियमों में ऑक्सीजन प्लांट के परिसर में प्रवेश करने पर ही रोक हैं। लेकिन एसएमएस अस्पताल में बांगड परिसर की तरफ लगे प्लांट में कोई भी अनाधिकृत व्यक्ति आराम से प्रवेश कर सकता है और प्लांट से छेडछाड़ तक सकता है।
अगर प्लांट से छेड़छाड़ हुई तो प्रेशर कम ज्यादा होने से मरीजों की जान तक जा सकती हैं।
अस्पताल के हालात यह है कि गार्ड दिन में सोता रहता है और आस पास में रखे थड़ी ठेले वालों के पास परिसर की चाबी होती है। जो अपने मिलने वालों को या जानकारों का बार बार ऑक्सीजन प्लांट के पास ले जाकर,उस पर चढ़कर सेल्फी तक लेते हैं। अगर इनमें से कोई एक चिंगारी या प्लांट के प्रेशर पॉइंट से कोई छेड़छाड़ करें तो कई लोगों की जान जा सकती हैं।
एसएमएस अस्पताल में ऑक्सीजन प्लांट की सुरक्षा व्यवस्था संभाल रहा गार्डरुम में सोता रहता है लेकिन जेकेलोन अस्पताल में लगे प्लांट की सुरक्षा व्यवस्था का जिम्मा देख रहे सुरक्षाकर्मी मौके से गायब रहते है। प्लांट के अंदर और आसपास आने जाने पर रोक है। लेकिन यहां फेसिंग पर आसानी से कोई भी कपड़े सुखा सकता है।
किसी को कोई रोकने वाला नहीं है। वहीं आग बुझाने के लिए लगाए गए सुरक्षा उपकरण केवल दिखावटी हैं। मिट्टी से भरी रहने वाली बाल्टी खाली पड़ी है और खुले पड़ बिजली के तार हादसों को न्योता दे रहे है।
वहीं आसपास में बैठकर कोई भी धुम्रपान कर सकता हैं। अगर बिजली के खुले तारों से शॉर्टसर्किट हुआ या किसी धुम्रपान करने वाले से कोई चिंगाारी प्लांट तक पहुंची तो बड़ा हादसा हो सकता है। हाल ही में गणगौरी अस्पताल में खुले तारों में शॉर्ट सर्किट होने से ऑक्सीजन प्लांट में आग लग चुकी हैं। लेकिन जिम्मेदार फिर भी लापरवाह बने हुए हैं।