
जयपुर। कोलकाता में महिला रेजीडेंट के साथ रेप व हत्या का मामला गरमा गया है। अब जयपुर में रेजीडेंट डॉक्टरों ने काम काज छोड़ दिया है। जिसकी वजह से एसएमएस सहित अन्य अस्पतालों में हालात बिगड़ गए है। 2200 से ज्यादा रेजीडेंट्स स्ट्राइक पर चले गए है।
हड़ताल के कारण ओपीडी, आईपीडी, ओटी सेवाएं प्रभावित हो रही है। हालांकि इमरजेंसी में आने वाले गंभीर मरीजों का इलाज किया जा रहा और जरूरत पड़ने पर उनका ऑपरेशन भी किया जा रहा है।
जयपुर एसोसिएशन ऑफ रेजीडेंट्स डॉक्टर्स के अध्यक्ष डॉ. मनोहर सियोल ने बताया कि आज हमारी फिर मीटिंग होगी। जिसमें हो सकता है कि अब पूरे राजस्थान के रेजीडेंट्स स्ट्राइक पर चले जाएं।
इससे पहले डॉक्टरों ने सोमवार को काली पट्टी बांधकर विरोध जताते हुए काम किया था। उन्होंने बताया कि कलकता में जो घटना हुई वह निंदनीय है और उसके आरोपियों को फांसी की सजा मिले इसकी हम मांग करते है। इसके साथ ही हम राज्य सरकार से भी राजस्थान खासकर जयपुर में रेजीडेंट्स डॉक्टरों के सुरक्षा की मांग करते है।
इन अस्पतालों में बिगड़े हालात…
एसएमएस अस्पताल, जनाना अस्पताल, जेके लोन, गणगौरी अस्पताल, जयपुरिया व मेडिकल कॉलेज से संबंधित अन्य अस्पतालों में रेजीडेंट्स की स्ट्राइक का असर देखा जा रहा है। सीनियर डॉक्टर्स की ओर से मरीजों का इलाज किया जा रहा है। लेकिन मरीजों की संख्या ज्यादा होने के कारण अस्पतालों में व्यवस्थाएं गड़बड़ाती दिख रही है।
कैंडल मार्च भी निकाला, जताया विरोध
कल शाम को जनरल बॉडी की मिटिंग के बाद रेजीडेंट्स डॉक्टर्स ने एसएमएस मेडिकल कॉलेज से त्रिमूर्ति सर्किल तक कैंडल मार्च निकाला। त्रिमूर्ति पहुंचने के बाद एसोसिएशन के पदाधिकारियों ने सभी को संबोधित करते हुए कलकता में हुई घटना के बारे में बताया और सरकार से एसोसिएशन क्या मांग कर रहा है इस बारे में जानकारी दी।
इनका कहना है…
अभी बारिश के कारण वैसे भी ओपीडी में ज्यादा मरीज नहीं है।
सीनियर डॉक्टर्स मरीजों को संभाल रहे है। वैसे रेजीडेंट्स भी इमरजेंसी में काम संभाल रहें है। इसलिए ज्यादा हालात खराब नही है।
डॉ सुशील भाटी
अधीक्षक, एसएमएस अस्पताल, जयपुर
Updated on:
13 Aug 2024 03:54 pm
Published on:
13 Aug 2024 10:53 am
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