
जयपुर। इंजीनियरिंग कॉलेजों में प्रवेश के लिए इस बार रुझान बढ़ा है। तकनीकी शिक्षा विभाग की ओर से राजस्थान इंजीनियरिंग एडमिशन प्रोसेस (रीप) के जरिए अपनाई जा रही प्रवेश प्रक्रिया में करीब 18 हजार आवेदन आए हैं। प्रवेश के लिए सभी की मेरिट जारी कर दी गई है।
पिछले पांच सालों से तुलना करें तो अधिकतम करीब 15 हजार आवेदन ही प्राप्त होते थे। ऐसे में करीब तीन हजार आवेदन अधिक प्राप्त हुए हैं। लेकिन इसके बाद भी राज्य में इस साल इंजीनियरिंग कॉलेजों में करीब 10 हजार सीटें खाली रहेंगी। कारण है कि करीब 78 इंजीनियरिंग कॉलेजों में 28 हजार सीटों पर प्रवेश लिए जा रहे हैं।
यह है इस बार आवेदन बढ़ने का कारण
एमएनआईटी के एसोसिएट प्रोफेसर रोहित भांकर के अनुसार इस बार इंडस्ट्री में अलग-अलग फिल्ड में नौकरियां बढ़ी हैं। इसके अलावा इंडस्ट्री की डिमांड के अनुसार साइबर सिक्योरिटी, एआई, ईवी जैसे कोर्स तैयार किए गए हैं। इससे छात्रों में इंजीनियरिंग के लिए रुझान बढ़ा है। बीते सालों में कोविड के देखते हुए एक साथ नौकरियों में कमी आ गई थी। इसके अलावा कॉलेजों से प्लेसमेंट हो रहे हैं।
पिछले साल यह भी िस्थति
19,748 सीटें खाली रह गई थी
पिछले साल प्रदेश के 78 इंजीनियरिंग कॉलेजों में 28 हजार सीटों पर प्रवेश के लिए विद्यार्थी नहीं मिले थे। करीब 19,748 सीटें खाली रह गई थी। सात हजार ऐसे विद्यार्थी हैं, जिन्होंने प्रवेश प्रक्र्रिया में भाग लिया और इन्हें कॉलेज भी अलॉट हुए। लेकिन विद्यार्थी कॉलेज में प्रवेश लेने नहीं पहुंचे। 15,500 विद्यार्थियों ने प्रवेश के लिए आवेदन किया था।
इस बार प्रवेश के लिए रुझान देखने को मिल रहा है। पिछले सालों से करीब तीन हजार अधिक आवेदन आए हैं। मेरिट जारी कर दी गई है। अब कॉलेज अलॉट करने की प्रक्रिया अपनाई जाएगी।
मनीष गुप्ता, संयुक्त सचिव, तकनीकी शिक्षा विभाग
Published on:
16 Jul 2023 08:51 pm
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