20 जनवरी 2026,

मंगलवार

Patrika LogoSwitch to English
icon

मेरी खबर

video_icon

शॉर्ट्स

epaper_icon

ई-पेपर

हर वर्ष तीन हजार फिजियोथैरपिस्ट बन रहे, 3 पदों पर भी भर्ती नहीं कर रही सरकार, 10 वर्ष में मात्र इतनी भर्ती

चिकित्सा एवं स्वास्थ्य विभाग (Medical and Health Department Rajasthan) की मनमानी और संवेदनहीनता के कारण प्रदेश के हजारों फिजियोथैरेपिस्ट सरकारी नौकरी का इंतजार कर रहे हैं। राज्य में 10 वर्ष में मात्र 30 और 75 वर्ष के दौरान फिजियोथैरेपी के 70 पदों पर ही भर्ती हो पाई है। जबकि राजस्थान स्वास्थ्य विज्ञान विश्वविद्यालय (Rajasthan University of Health Sciences) (आरयूएचएस) और अलग-अलग डीम्ड यूनिवर्सिटी से प्रति वर्ष उत्तीर्ण करने वाले छात्र-छात्राओं की संख्या करीब 3 हजार है।

2 min read
Google source verification
हर वर्ष तीन हजार फिजियोथैरपिस्ट बन रहे, 3 पदों पर भी भर्ती नहीं कर रही सरकार, 10 वर्ष में मात्र इतनी भर्ती

हर वर्ष तीन हजार फिजियोथैरपिस्ट बन रहे, 3 पदों पर भी भर्ती नहीं कर रही सरकार, 10 वर्ष में मात्र इतनी भर्ती

जयपुर. चिकित्सा एवं स्वास्थ्य विभाग (Medical and Health Department Rajasthan) की मनमानी और संवेदनहीनता के कारण प्रदेश के हजारों फिजियोथैरेपिस्ट सरकारी नौकरी (physiotherapist government job rajasthan) का इंतजार कर रहे हैं। राज्य में 10 वर्ष में मात्र 30 और 75 वर्ष के दौरान फिजियोथैरेपी के 70 पदों पर ही भर्ती हो पाई है। जबकि राजस्थान स्वास्थ्य विज्ञान विश्वविद्यालय (Rajasthan University of Health Sciences) (आरयूएचएस) और अलग-अलग डीम्ड यूनिवर्सिटी से प्रति वर्ष उत्तीर्ण करने वाले छात्र-छात्राओं की संख्या करीब 3 हजार है। सरकार की अनदेखी का आलम यह है कि राजस्थान के 198 आदर्श स्वास्थ्य केन्द्रों पर बजट घोषणा के 3 वर्ष बाद भी फिजियोथैरेपिस्टों की नियुक्ति और सेवाएं शुरू नहीं हो पाई हैं।

राज्य में फिजियोथैरेपिस्ट का काडर नहीं होने के कारण जिस पद पर नियुक्ति होती है, उसी पद से वह रिटायर हो जाता है। वहीं बिहार, गुजरात और महाराष्ट्र में इनके लिए काडर गठित हो चुका है। राजस्थान लोक सेवा आयोग अजमेर की ओर से फिजियोथैरेपिस्ट के पदों की भर्ती पहले चिकित्सा विभाग के आदेशानुसार कराई जाती थी। इसके कारण यह भर्ती समय पर पूरी नहीं हो रही थी।

इतना ही नहीं यह पद अराजपत्रित होने के बावजूद भी इसके लिए परीक्षा और साक्षात्कार दोनों नियम बनाए हुए हैं। चिकित्सा विभाग की राजपत्रित भर्तियां भी सीधे केवल परीक्षा के माध्यम से हो रही हैं। वर्तमान में चिकित्सा अधिकारी, आयुष चिकित्सा अधिकारी, नर्सिंग ऑफिसर, फार्मासिस्ट, लैब तकनीशियन सहित सभी भर्तियां आरपीएससी की बजाय राजस्थान स्वास्थ्य विज्ञान विश्वविद्यालय (आरयूएचएस) के माध्यम से कराई जा रही हैं।

नियमों में संशोधन नहीं होना बाधा

राजस्थान चार्टेड एसोसिएशन ऑफ फिजियोथैरेपी के अध्यक्ष डॉ. संजय कुमावत ने बताया कि चिकित्सा क्षेत्र के साथ-साथ स्पोट््र्स इंजरी फिटनेस में फिजियोथैरेपिस्ट की बढ़ती मांग के बावजूद भी सरकारी भर्तियों में नजरअंदाज किया जा रहा है। उन्होंने बताया कि भर्ती नहीं होने का मुख्य कारण राजस्थान लोक सेवा आयोग और स्टाङ्क्षफग पैटर्न के नियम (150 बेड पर एक पद) में संशोधन नहीं होना है।