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पेशेंट्स और केयरगिवर्स के लिए मिले टिप्स

प्रैक्टिकल टिप्स फॉर पेशेंट्स एंड केयरगिवर्स फॉर कोविड.19 सेकंड वेव पर वेबिनार

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जयपुर

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Rakhi Hajela

May 08, 2021

पेशेंट्स और केयरगिवर्स के लिए मिले टिप्स

पेशेंट्स और केयरगिवर्स के लिए मिले टिप्स



जयपुर, 8 मई


विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी विभाग की ओर से शुक्रवार शाम को ‘प्रैक्टिकल टिप्स फॉर पेशेंट्स एंड केयरगिवर्स फॉर कोविड.19 सेकंड वेव’ विषय पर आयोजित लाइव वेबिनार में दर्शकों ने कोविड.19 का नया स्ट्रेन, टीकाकरण का महत्व और जीवन शैली में परिवर्तन के बारे में समझाया गया। वेबिनार को आईएएस लिटरेरी सोसायटी राजस्थान के सहयोग से उनके फेसबुक पेज आयोजित किया गया था। इस वेबिनार को प्रोफेसर एनेस्थीसिया एंड क्रिटिकल केयर विभाग और नोडल ऑफिसर कोविड ट्रोमा सेंटर एसएन मेडिकल कॉलेज जोधपुर, डॉ. विकास राजपुरोहित ने संबोधित किया। वह विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी विभाग की सेक्रेटरी मुग्धा सिन्हा के साथ चर्चा कर रहे थे। वेबिनार का आयोजन ‘यश ईयर ऑफ अवैयरनेस ऑन साइंस एंड हैल्थ 2020 डायलॉग सीरीज’ के तहत किया गया था।

कोरोनावायरस का नया स्ट्रेन, मूल स्ट्रेन से कैसे अलग है, इस बारे में बात करते हुए डॉ. राजपुरोहित ने कहा कि वायरस का नया स्ट्रेन तेज और आक्रामक है। इसमें बुखार, सूखी खांसी, गले में खराश आदि के साथ पेट दर्द, दस्त, उल्टी जैसे नए लक्षण सामने आए हैं। ऐसा इसलिए है क्योंकि होस्ट और वायरस दोनों में बदलाव आया है। महामारी के इस समय में लक्षणों की परवाह किए बिना लोगों को सतर्क रहने की आवश्यकता है।
उन्होंने कहा कि सभी को टीका लगवाना चाहिए। अगर कोई कोविड से हाल ही में ठीक हुआ है, तो उन्हें टीका लगवाने के लिए कम से कम 1 महीने का इंतजार करना चाहिए। सभी को पूरी तरह सुरक्षित होने के लिए वैक्सीन का पूरा शेड्यूल यानी 2 जैब्स लगवाना जरूरी है। रिकवरिंग पेशेंट्स को अपने आहार पर ध्यान देने की आवश्यकता होती है। हाई कार्बोहाइड्रेट आहार से बचना चाहिए क्योंकि ये ब्लड शुगर लेवल को बढ़ा सकता है। विटामिन सी और जिंक लेने से इम्यूनिटी को मजबूत किया जा सकता है। हर केस में सीटी स्कैन की जरूरत नहीं होती है। यह केवल तब उपयोग होता है जब पेशेंट में बीमारी के असामान्य या कॉम्प्लेक्स लक्षण दिखाई देते हैं।ं ऑक्सीजन कॉन्संट्रेटर का उपयोग ब्लड में ऑक्सीजन के स्तर में मामूली गिरावट दिखाई देने पर किया जाना चाहिए। यदि किसी पेशेंट के ब्लड में ऑक्सीजन का स्तर लगातार कम आ रहा हो, तब ऑक्सीजन सिलेंडर का उपयोग किया जाना चाहिए। यह सुनिश्चित करें कि ऑक्सीजन सिलेंडर केवल अधिकृत डीलरों से ही खरीदा गया हो और कभी भी इनका उपयोग दबाव नापने का यंत्र या फ्लो मीटर के बिना न करें।